Noida Engineer Death: नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस ने अहम कदम उठाते हुए नामजद बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। अभय कुमार एमजेड विजटाउन कंपनी का मालिक बताया जा रहा है। यह गिरफ्तारी नॉलेज पार्क थाना पुलिस द्वारा की गई है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में बिल्डर की गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
कैसे हुई थी युवराज मेहता की मौत
16 जनवरी की रात नोएडा के सेक्टर-150 इलाके में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता अपनी कार से घर लौट रहे थे। घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम थी। इसी दौरान उनकी कार सड़क किनारे मौजूद एक निर्माणाधीन स्थल के खुले और पानी से भरे गहरे गड्ढे में जा गिरी। यह गड्ढा एक प्रस्तावित मॉल के बेसमेंट के लिए खोदा गया था।
हैरानी की बात यह रही कि मौके पर न तो बैरिकेडिंग थी, न चेतावनी बोर्ड और न ही रिफ्लेक्टर लगाए गए थे। इसी लापरवाही के कारण यह स्थान एक “खतरनाक डेथ जोन” बन गया, जिसने एक होनहार युवा की जान ले ली।
बिल्डर की भूमिका आई सामने
पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस निर्माणाधीन स्थल पर हादसा हुआ, वह पहले लोटस ग्रीन्स कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के पास था। वर्ष 2020 में इस संपत्ति को विजटाउन प्लानर्स ने खरीदा था, जिसके मालिक अभय कुमार हैं। एफआईआर में दोनों कंपनियों को नामजद किया गया है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि साइट की सुरक्षा, गड्ढे की घेराबंदी और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना बिल्डर की जिम्मेदारी थी, जिसे पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।
SIT ने शुरू की गहन जांच
युवराज मेहता की मौत के बाद सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। इस टीम का नेतृत्व मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) भानु भास्कर कर रहे हैं।
SIT में मेरठ मंडल के आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी और लोक निर्माण विभाग (PWD) के मुख्य अभियंता अजय वर्मा भी शामिल हैं। टीम ने मंगलवार से औपचारिक रूप से जांच शुरू कर दी है।
नोएडा प्राधिकरण से शुरू हुई जांच
SIT के सदस्य सबसे पहले दोपहर करीब 12 बजे नोएडा विकास प्राधिकरण (Noida Authority) के कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने संबंधित फाइलों, अनुमति दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की। टीम यह जानने की कोशिश कर रही है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी क्यों की गई और इसके लिए जिम्मेदार कौन-कौन अधिकारी थे।
परिजनों से की मुलाकात
जांच समिति ने मृतक युवराज मेहता के परिजनों से भी मुलाकात की। परिजनों ने जांच टीम के सामने अपनी बात रखी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। SIT ने उन्हें निष्पक्ष जांच और न्याय का भरोसा दिलाया है।
आगे क्या हो सकता है
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दायरे में नोएडा प्राधिकरण के कुछ अधिकारियों और साइट पर तैनात एजेंसियों की भूमिका भी आ सकती है। यदि जांच में और लापरवाही सामने आती है तो आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।
यह मामला अब केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही, बिल्डर की गैर-जिम्मेदारी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का प्रतीक बन चुका है। आने वाले दिनों में SIT की रिपोर्ट इस केस की दिशा तय करेगी।
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