Noida: नोएडा ईकोटेक-3 डी पार्क स्थित डेटा सेंटर के पास 21 फरवरी को बैंक के डेटा मैनेजर मंजीत मिश्रा की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शुक्रवार को मंजीत का 7 पेज का एक नोट सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपनी शादी से जुड़े विवादों का विस्तृत उल्लेख किया है।
शादी से शुरू हुआ विवाद
मंजीत ने अपने नोट में लिखा कि वह मेधा को 2017 से कॉलेज के समय से जानते थे। परिवारों की सहमति से उनका रोका 18 जनवरी 2024 को हुआ था। लेकिन शादी से पहले ही मेधा के परिवार ने कार्ड में उनका सरनेम ‘मिश्रा’ की जगह ‘परिहार’ लिखवाया और उनकी बिहार की पहचान को छिपाया।
शादी के बाद रिसेप्शन के दिन मेधा ने उनकी ड्रेसिंग को लेकर विवाद खड़ा किया। वहीं, हनीमून के दौरान ही मंजीत के पिता की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई, जिसके बाद मेधा ने परिवार से अलग रहने की मांग की। मंजीत ने विवाद से बचने के लिए नोएडा सेक्टर-15 में किराए पर फ्लैट लिया और अपनी मां और बहन से अलग रहने लगे। बावजूद इसके, मेधा उनके साथ झगड़े करती रही।
मेंटिनेंस के नाम पर मांगे 90 हजार रुपये प्रति माह
मंजीत के भाई रूपम के अनुसार, शादी के बाद लगातार विवाद बढ़ता गया। जब मेधा अलग हुई और तलाक का नोटिस भेजा, तो उसने मेंटिनेंस के रूप में 90 हजार रुपये प्रति माह की मांग की। इसके अलावा, 1 करोड़ रुपये स्त्रीधन और 2 करोड़ रुपये अन्य खर्चों के रूप में मांगे गए।
मंजीत की इनहैंड सैलरी करीब 1 लाख रुपये थी, जिसमें से पहले ही कई लोन और किराये के खर्चे थे। इन आर्थिक दबावों और धमकियों के कारण वह बेहद परेशान थे और समझ नहीं पा रहे थे कि कैसे शिकायत करें।
पुरुषों के लिए घरेलू विवाद में शिकायत करना मुश्किल
एकम न्याय फाउंडेशन की फाउंडर दीपिका नारायण ने कहा कि मंजीत की हत्या पूरी प्लानिंग के तहत की गई। उन्होंने बताया कि पुरुषों के लिए घरेलू विवाद में शिकायत करना आसान नहीं होता। आमतौर पर महिला की शिकायत पर पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है, लेकिन पुरुषों की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया जाता।
दीपिका ने बताया कि इस मामले में मेधा की भूमिका की जांच के लिए गाजियाबाद पुलिस को शिकायत दी गई है। वहीं, डीसीपी महिला सुरक्षा सुनीती ने बताया कि पिंक बूथ पर पुरुष भी अपनी शिकायत लेकर आ सकते हैं, और कुछ मामलों में परिवारों से भी बातचीत की गई है।
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मेधा के भाई सचिन और शूटर गिरफ्तार
डीसीपी सेंट्रल शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि मामले में मेधा के भाई सचिन और एक शूटर को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि, अभी तक मेधा को क्लीन चिट नहीं दी गई है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यदि उसके खिलाफ सबूत मिलते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।
इस हत्याकांड ने घरेलू विवादों में पुरुषों की स्थिति और न्याय प्रणाली में उनके लिए मौजूद चुनौतियों को उजागर किया है। पुलिस इस मामले में हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।

