Noida: बादलपुर पुलिस ने एक ऐसे शातिर हनी ट्रैप गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो लोगों को झूठे मामलों में फंसाकर उनसे मोटी रकम वसूलता था। इस गिरोह में दो युवक और एक युवती शामिल थी, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इनके पास से 40 हजार रुपये भी बरामद किए हैं।
कैसे करती थी गैंग ठगी?
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह पहले किसी इलाके में किराये का मकान लेता था और वहां लड़की को शिफ्ट करवा देता था। इसके बाद लड़की किसी बहाने से मकान मालिक या अन्य शख्स को अपने कमरे में बुलाती थी। जैसे ही वह व्यक्ति कमरे में पहुंचता, गिरोह के अन्य सदस्य वहां आ जाते और उसे झूठे बलात्कार के मामले में फंसाने की धमकी देते। डर के कारण पीड़ित उनके सामने झुक जाता और रकम देने के लिए मजबूर हो जाता।
सादोपुर गांव में ऐसे फंसाया शिकार
इस गिरोह ने सादोपुर गांव में भी इसी तरह की वारदात को अंजाम दिया। लड़की ने मकान मालिक को अपने कमरे में बुलाया, जिसके बाद गैंग के बाकी सदस्यों ने उसे धमकाते हुए ढाई लाख रुपये की मांग की। डर के कारण पीड़ित ने 40 हजार रुपये तुरंत दे दिए और बाकी रकम बाद में देने की बात कही। लेकिन बाद में उसने पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी। पुलिस ने मामले की जांच की और पूरे रैकेट का खुलासा हो गया।
गिरोह के सरगना सहित तीन गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में गिरोह के मुख्य सदस्य बादल डेढ़ा उर्फ कालू सिंह को गिरफ्तार किया है। वह पहले से ही कई मामलों में वांछित था और उसके खिलाफ 11 केस दर्ज हैं। इसके अलावा बीए का छात्र प्रिंस और गैंग में शामिल लड़की को भी गिरफ्तार किया गया है।
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पहले भी कर चुके हैं लाखों की ठगी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह गैंग पहले भी गाजियाबाद के अंकुर विहार में एक मकान मालिक से साढ़े 5 लाख रुपये ठग चुका है। गिरोह का सरगना बादल लगातार अपना नाम बदलकर ठगी करता था। दिल्ली-एनसीआर में इस गिरोह ने कई लोगों को इसी तरह से अपना शिकार बनाया है।
फिलहाल, पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह के और कितने सदस्य हैं और इन्होंने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।

