नोएडा। सार्वजनिक परिवहन सेवा को बढ़ावा देने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने तैयारी तेज कर दी है। शहर में पहले चरण में 10 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इन बसों को उपलब्ध कराने की मांग नोएडा प्राधिकरण शासन से करेगा। इसके लिए इसी सप्ताह शासन को पत्र लिखा जाएगा। ये बसें सेक्टर-82 सिटी बस टर्मिनल से शहर के नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच भी चलाई जाएंगी।
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ लोकेश एम ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन सेवा को बढ़ावा देने के लिए शासन से जल्द बसें देने की मांग की जाएगी। मुख्यमंत्री की भी प्राथमिकता है कि ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएं। ऐसे में नोएडा प्राधिकरण ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। वहीं दूसरी ओर नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन(एनएमआरसी) ने 25 बसें चलाने का टेंडर भी जारी किया था लेकिन उसकी मंजूरी की फाइल अटक गई।
सिटी बस टर्मिनल में ही चार्ज होंगी बस
सीईओ ने सेक्टर-82 सिटी बस टर्मिनल में चार्जिंग स्टेशन लगवाने के लिए डीजीएम को निर्देश दे दिए है। चार्जिंग स्टेशन बन जाने के बाद बसों को यही चार्ज किया जाएगा। यही से बसों का संचालन किया जाएगा। पहले फेज में नोएडा से ग्रेटरनोएडा के बीच बसे चलेंगी इसके बाद अन्य रूट तय किए जाएंगे। जहां बसों का संचालन होगा। सीईओ ने बताया कि इस सेवा के जरिए हमारा प्रयास लास्ट माइल कनेक्टिविटी का है। जिससे लोगों को बेहतर ट्रांसपोटेशन मिल सके।
शहर में नहीं है पब्लिक ट्रांसपोर्ट
शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट नहीं है यह बात सीईओ ने खुद मानी है। दरअसल नोएडा में डीएमआरसी और एनएमआरसी की मेट्रो को छोड़ दिया जाए तो यहां ट्रांसपोर्ट के नाम पर सिर्फ ऑटो और टैंपो है। जो शहर के अधिकांश हिस्से को कवर ही नहीं करते। इसलिए यहां सड़कों पर लोग अपने साधनों से जाते है जिससे जाम की स्थिति होती है। इसलिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ाने पर काम किया जाएगा। पहले फेज में 10 इलेक्ट्रिक बस चलाई जाएंगी।
एनएमआरसी को चलानी थी 25 बसे, योजना ठप
इससे पहले एनएमआरसी को 25 बस चलानी थी लेकिन यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई। इसकी फाइल तैयार है। रूट मैप से लेकर किराया तक तय कर लिया गया लेकिन जिस कंपनी को जिम्मेदारी सौंपनी थी उसके पास बस चलाने का अनुभव नहीं था। इसकी शिकायत होने के बाद टेंडर प्रक्रिया को रोक दिया गया। बता दें इससे पहले नोएडा में सिटी बस सेवा नाम से एनएमआरसी बसों का संचालन एक कंपनी से करवा रहा था लेकिन लगातार घाटा होने से कंपनी के साथ बीच में ही एग्रीमेंट समाप्त कर दिया गया।

