आज देश के लिए बड़ा ही ऐतिहासिक दिन रहा भारत को अपना नया संसद वन मिल गया। सेंट्रल विस्टा के तहत पीएम मोदी का ड्रीम आज 28 मई को पूरा हो गया। विपक्ष के लगातार निशाना साधने के बाद भी प्रधानमंत्री पीछे नहीं हटे और राष्ट्र को संसद समर्पित कर दिया। नए संसद भवन का ये उद्घाटन देश के लिए काफी गर्व की बात है और इतिहास के पन्नों में ये दिन हमेशा के लिए यादगार रहेगा।
संसद के उद्घाटन की शुरूआत विधिवत पूजा से हुई, धार्मिक अनुष्ठान हुआ जिसके बाद राजदंड सेंगोल पीएम मोदी को सौंपा गया और पीएम मोदी ने सेंगोले को लोकसभा भवन में स्थापित कर दिया है। संसद के साथ साथ सेंगोल को लेकर भी पीएम मोदी के खिलाफ सपा के नेता अखिलेश यादव ने निशाना साधा था और कहा था कि कि बीजेपी को लग रहा है कि अब सत्ता सौंपने का समय आ गया है। बीजेपी सिर्फ और सिर्फ नफरत की राजनीति, अपने आपको सबसे ऊपर रखने की बात कहती है। इस देश के योगदान में ना जानें कितने विचारों की भूमिका रही है। लेकिन बीजेपी सबको एक एक कर भूला रही है। बीजेपी यह बात भूल गई है कि हमारा संविधान किसी एक मजहब को मानने वाला नहीं है। बीजेपी जिस तरह से अपनी राजनीति को आगे बढ़ा रही है एक बात तो साफ है कि बहुत जल्द ही जनता उन्हें नकार देगी लेकिन पीएम मोदी ने सभी बातों को नकारते हुए अपने कर्तव्य अपने कर्म को आगे रख कर सभी कार्य पूर्ण किए।
देश की नई संसद का उद्घाटन होने के बाद पार्लियामेंट परिसर में सर्वधर्म सभा का आयोजन किया गया। जिसमें अलग-अलग धर्मों के विद्धानों और गुरुजनों ने अपने धर्म के बारे में विचार रखें और पूजा की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और पूरी केंद्रीय कैबिनेट मौजूद रही।

