New Delhi: महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद संसद का शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से शुरू होने जा रहा है। यह सत्र २० दिसंबर तक चलेगा, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा पांच नए विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें वक्फ से संबंधित विवादास्पद बिल भी शामिल है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
संसद में पेश होंगे ये अहम बिल
मोदी सरकार ने इस सत्र के लिए पांच नए विधेयकों को सूचीबद्ध किया है। इनमें कोस्टल शिपिंग बिल शामिल है, जिसका उद्देश्य तटीय व्यापार को बढ़ावा देना है। इसके अलावा भारतीय बंदरगाह विधेयक, 2024 भी पेश किया जाएगा। यह बिल भारत के अंतरराष्ट्रीय दायित्वों और वैधानिक अनुपालन के अनुरूप बंदरगाहों के संरक्षण और सुधार से संबंधित है। वहीं, बहुचर्चित वक्फ बिल को भी इसी सत्र में पेश किए जाने की तैयारी है। इस बिल को लेकर पहले ही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की बैठक में हंगामा हो चुका है। आज इस पर एक और बैठक की जाएगी, जिससे सत्र में इसके पारित होने की संभावना को बल मिल सकता है।
वन नेशन वन इलेक्शन पर भी नजरें
इस सत्र में सरकार द्वारा वन नेशन वन इलेक्शन बिल पेश किए जाने की संभावना है। यह बिल देशभर में एक साथ चुनाव कराने की योजना से जुड़ा है, जिस पर व्यापक चर्चा और तीखी बहस होने की उम्मीद है।
जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का प्रस्ताव
हाल ही में जम्मू-कश्मीर में दस साल बाद विधानसभा चुनाव हुए हैं। अब सरकार इस शीतकालीन सत्र में जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का प्रस्ताव ला सकती है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर पहले ही तीखा रुख दिखाया है, जिससे संसद में जोरदार हंगामा होने के आसार हैं।
सत्र की तैयारियों पर सरकार का रुख
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट कर जानकारी दी कि संसद का शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से 20 दिसंबर तक चलेगा। सरकार की कोशिश रहेगी कि सत्र के दौरान सभी महत्वपूर्ण बिल पारित कराए जा सकें।
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विपक्ष का रुख और सत्र के आसार
विपक्ष की ओर से इस सत्र में सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी है। वक्फ बिल, वन नेशन वन इलेक्शन, और जम्मू-कश्मीर का मुद्दा सदन में गर्माहट ला सकता है। संसद के शीतकालीन सत्र से देश के कई अहम मसलों पर फैसले होने की उम्मीद है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार और विपक्ष के बीच होने वाली बहस से कौन-कौन से विधेयक पारित हो पाते हैं।

