तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों पर हमले और मार पीट की फर्जी वीडियो और ख़बरें फ़ैलाने के मामले में गिरफ्तार यूट्यूबर मनीष कश्यप से बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई फिर पूछताछ करेगी। दरअसल, गुरुवार को मनीष कश्यप की एक दिन की रिमांड पूरी हो गयी थी जिसके बाद उन्हें कोर्ट में दोबारा पेश किया गया था। जहाँ ईओयू ने कोर्ट से रिमांड अवधि बढ़ाने की मांग की। कोर्ट ने मनीष कश्यप को फिर से चार दिनों की रिमांड पर भेज दिया है। अब आर्थिक अपराध इकाई की टीम सोमवार तक मनीष कश्यप से पूछताछ करेगी।
वित्तीय अनियमितता को लेकर भी सवाल
आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने जब यूट्यूबर मनीष कश्यप के यूट्यूब चैनल पर छापेमारी की और बैंक खातों की जाँच की तो बैंक खतों में वित्तीय अनियमितता सामने आयी। इसके अलावा मनीष कश्यप ने कई कोचिंग संस्थानों से पैसे भी लिए है। पैसों की लेन-देन के साक्ष्य भी मिले हैं। इसको लेकर भी मनीष कश्यप से पूछताछ की जाएगी। चैनल से जुड़े अन्य सहयोगियों और फरार अभियुक्तों को लेकर भी सवाल-जवाब किया जाएगा।
मनीष के समर्थन में पोस्ट कर रहा था नागेश
ईओयू ने जिस नागेश कश्यप को बुधवार को गिरफ्तार किया है, वह लगातार इंटरनेट मीडिया पर मनीष के समर्थन में पोस्ट कर रहा था। पुलिस ने उसके फेसबुक की जांच की जिसमें पाया कि उसने मनीष कश्यप का हिरासत के दौरान वीडियो बनाकर प्रसारित किया था। इसके अलावा, वह आर्थिक अपराध इकाई के आसपास मंडरा रहा था और तस्वीरें खींचकर पोस्ट कर रहा था। ईओयू के अनुसार, फर्जी वीडियो फैलाने में भी उसकी भूमिका सामने आई है।
इसके अलावा बिहार आई तमिलनाडु पुलिस ने भी कोर्ट में एक आवेदन दिया था। जिसमे वह मनीष कश्यप को तमिलनाडु की कोर्ट में पेश करने के लिए प्रोडक्शन वारंट पर देने का आग्रह किया गया था। कोर्ट ने इस आवेदन को खारिज कर दिया। इस संबंध में कोर्ट ने रिमांड की अवधि पूरी होने पर आवेदन देने का निर्देश दिया। जिसके बाद तमिलनाडु की पुलिस वापस लौट गई।

