पूर्व सांसद और माफिया अतीक अहमद की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। लगातार उसके ऊपर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। आज शुक्रवार को एक और मामले में माफिया अतीक पर आरोप तय किए गए हैं।दरअसल, माफिया अतीक, उसके बेटे उमर और असद पर रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल के अपहरण मामले में केन्द्रीय जांच एजेंसी सीबीआई की लखनऊ कोर्ट ने दोषी पाया है। जिसके बाद उसके ऊपर आरोप तय किए गए हैं।
गौरतलब है कि लगभग साढ़े चार साल पहले यानी 2018 में 29 दिसम्बर को रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल ने एक एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने देवरिया जेल में निरुद्ध अतीक अहमद पर उनके गुर्गों के जरिए गोमती नगर से अपहरण कराने का गंभीर आरोप लगाया था। तंमचे के बल पर उसे देवरिया जेल ले जाया गया था। जहां पूर्व सांसद व माफिया अतीक अहमद ने उसे एक सादे स्टाॅम्प पेपर पर हस्ताक्षर करने को कहा। जब उसने इंकार किया तो अतीक ने अपने बेटे उमर तथा गुर्गे गुफरान, फारुख, गुलाम व इरफान के साथ मिलकर तंमचे व लोहे की राड से बेतहाशा पिटाई की। बेसुध हालत में अतीक ने स्टाॅम्प पेपर पर उसके हस्ताक्षर करा लिए और करीब 45 करोड़ की सम्पत्ति अपने नाम करा ली थी। अतीक के गुर्गों ने उसकी एसयूवी गाड़ी भी लूट ली।
इस मामले में अब केन्द्रीय जाँच एजेंसी सीबीआई लखनऊ कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। इस मामले की सुनवाई में आरोपित वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए जुड़े। इसमें उमेश पाल अपहरण कांड मामले में साबरमती जेल में सजायफ्ता अतीक जुड़ा था। पेशी के बाद उमर ने कहा उमेश पाल हत्याकांड में घर की महिलाओं को फंसाया जा रहा है

