Lucknow : राजधानी लखनऊ में निर्वाण संस्था के बच्चों में फूड पॉइजनिंग के कारण एक सनसनीखेज घटना घटी है। 23 मार्च को संस्था के बच्चों ने भोजन के बाद उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत की थी, जिससे उनकी हालत बिगड़ने लगी। इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को लोकबंधु अस्पताल पहुंचे और बीमार बच्चों का हाल-चाल लिया। उन्होंने बच्चों के इलाज की स्थिति पर अधिकारियों से जानकारी ली और उन्हें समुचित इलाज प्रदान करने के निर्देश दिए।
सीएम योगी का भावुक दौरा
सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोकबंधु अस्पताल में भर्ती बच्चों से मिलकर उनकी तबीयत के बारे में पूछा और एक-एक बच्चे के बेड पर जाकर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना। इस दौरान वह बच्चों से मिलकर भावुक नजर आए। उन्होंने अस्पताल में तैनात डॉक्टरों और अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों का इलाज ठीक से किया जाए और उन्हें पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद ही डिस्चार्ज किया जाए। इसके साथ ही, बच्चों के खाने-पीने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
कुल 27 बच्चे भर्ती, मौतों का सिलसिला जारी
निर्वाण संस्था के बच्चों में फूड पॉइजनिंग के कारण अब तक चार बच्चों की जान जा चुकी है। 23 मार्च को भोजन के बाद बीमार पड़े बच्चों में 24 मार्च को शिवांक (12) की मौत हो गई, जबकि बुधवार को रेनू (15) और दीपा (15) की भी मृत्यु हो गई। बलरामपुर अस्पताल में भर्ती सूरज (12) की 25 मार्च को इलाज के दौरान मौत हो गई, लेकिन इस मौत को भी छिपाने की कोशिश की गई। फिलहाल, एक बच्चा आईसीयू में भर्ती है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। अस्पतालों में कुल 20 बच्चे भर्ती हैं, जबकि सात बच्चों का इलाज संस्था में ही चल रहा है।
संस्था का संचालन और बच्चों की स्थिति
निर्वाण ((Lucknow))आश्रय केंद्र लखनऊ के पारा इलाके के बुद्धेश्वर में स्थित है, और यह पीपीपी मॉडल पर संचालित होता है। यहां मानसिक मंदित, अनाथ और लावारिस बच्चों को रखा जाता है। इस केंद्र में कुल 147 बच्चे रहते हैं, जिनकी उम्र 10 से 18 साल के बीच है। 23 मार्च को जैसे ही बच्चों ने उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत की, संस्था ने तुरंत बच्चों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराना शुरू किया।
मौत की जांच और विभागीय कार्रवाई
सीएमओ (Lucknow) डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि बच्चों की मौत के मामले की पूरी जांच की जाएगी। इसके लिए एक डॉक्टरों की कमेटी बनाई गई है, जिसमें डॉ. अरुण तिवारी, डॉ. पीसी तिवारी और डॉ. सबीह मजहर शामिल हैं। यह कमेटी पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत सभी बिंदुओं की जांच करेगी। फिलहाल, विभिन्न अस्पतालों में बच्चों का इलाज चल रहा है। लोकबंधु अस्पताल में 16 बच्चे भर्ती हैं, बलरामपुर अस्पताल में तीन बच्चे और केजीएमयू गांधी वार्ड में एक बच्चा भर्ती है।
इन बच्चों की हुई मौत
अब तक जिन बच्चों की मौत हो चुकी है, उनमें शिवांक (15), सूरज (12), दीपा (15), और रेनू (15) शामिल हैं। इस मामले को लेकर जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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