उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव का प्रथम चरण 4 मई को पूरा हो चुका हैं,लेकिन सूत्रों की माने तो इस बार वोटिंग पहले के मुक़ाबले कुछ कम हुई हैं वंही आपको बता दें की यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर मऊ जनपद जाने से पूर्व गाजीपुर के कार्यकर्ताओं से मिलने बीजेपी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने नगर निकाय चुनाव से खाली हो चुके कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर आगामी रणनीति पर चर्चा की, इस दौरान मीडिया से बात करते हुए मंत्री अनिल राजभर ने बताया की गाजीपुर में इस बार 56 फीसद और नगर पालिका परिषद में सिर्फ 47 फीसद मतदान हुआ है इतना ही नहीं राजभर ने कहा कि चुनाव आयोग को एक बार फिर वन नेशन वन इलेक्शन पर ध्यान देना चाहिए |
आखिर क्या कहा राजभर ने
आपको बता दें की अनिल राजभर ने गाजीपुर में हुई कम वोटिंग पर कहा कि चुनाव आयोग को भी एक बार इसे संज्ञान लेना चाहिए, साथ ही बताया की वन नेशन, वन इलेक्शन की बात प्रधानमंत्री जी के द्वारा कहा गई थी,वन नेशन, वन राशन कार्ड आप सभी ने देख लिया है. सिर्फ इतना ही नहीं अब हमें वन नेशन, वन वोटर लिस्ट की तरफ आगे बढ़ना है. वहीं आज वाराणसी में भी तमाम कार्यकर्ताओं ने इस पर बैठकर चिंतन किया है. सरकार के सामने पूरा संगठन इस बात को रखने जा रहा है क्योंकि इन्हीं कमियों के चलते प्रत्येक चुनाव में वोट प्रतिशत कम हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि जनपद में जितने भी चुनाव होते हैं सभी की वोटर लिस्ट अलग-अलग होती हैं, ऐसे में चुनाव आयोग को इस मामले पर सोच विचार कर ठोस विचार करना चाहिए साथ ही अगर मतदाता को किसी भी तरह से मतदान करने का अधिकार नहीं मिलता है तो यह सबसे दुर्भाग्य की बात है |
मतदाताओं के नाम काटे गए
दरअसल गाजीपुर में बहुत सारे मतदाताओं का नाम काटने और वोटरों तक पर्ची नहीं पहुंच पाने पर अनिल राजभर ने कहा कि वोटर लिस्ट पर जब से काम शुरू हुआ है तब से भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता ने 1-1 वोटर पर काम किया है साथ ही हमारे प्रदेश संगठन ने भी काम किया है. इतना ही नहीं हमारे पास ग्रास रूट का भी संगठन है लेकिन कहां पर कमियां रह गई इसको चुनाव के बाद चुनाव आयोग को संज्ञान लेना चाहिए. ऐसे में जिसकी वजह से भी इस तरह के मामला सामने आए हैं ऐसे लोगों को भी सख्त जवाब दे बनाने की आवश्यकता है और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की भी आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस तरह की नौबत ना आए |

