नोएडा Expressway के समानांतर एक नए एक्सप्रेस वे के निर्माण की योजना को लेकर अब आधिकारिक स्वीकृति मिल चुकी है। नोएडा प्राधिकरण के CEO लोकेश एम ने इस परियोजना की पुष्टि करते हुए कहा कि नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने भी इस योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत एक सलाहकार कंपनी नियुक्त की जाएगी, जो नोएडा प्राधिकरण के साथ मिलकर पूरे रूट का पुनः सर्वेक्षण करेगी और नए सिरे से Detailed Project Report (DPR) तैयार करेगी।
यातायात जाम की समस्या होगी कम
नए Expressway का 28 किलोमीटर हिस्सा नोएडा में होगा और इसके 4 किलोमीटर लिंक को नोएडा एयरपोर्ट से जोड़ा जाएगा। सामरिक दृष्टि से, यह एक्सप्रेस वे दिल्ली, हरियाणा और यूपी के कई शहरों के लिए एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। वर्तमान में नोएडा एक्सप्रेस वे पर प्रतिदिन लगभग 4 से 5 लाख वाहन चलते हैं, जो कि इसकी क्षमता से काफी अधिक है। इसलिए, नए एक्सप्रेस वे के निर्माण पर विचार किया गया था। नए एक्सप्रेस वे के बनने से हरियाणा के फरीदाबाद, बल्लभगढ़, दिल्ली के बदरपुर, नेहरू प्लेस और नोएडा के ट्रैफिक को सीधे नए एक्सप्रेस वे के माध्यम से यमुना एक्सप्रेस वे, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, नोएडा एयरपोर्ट और लखनऊ तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। इससे यातायात जाम की समस्या कम होगी और यात्रा की गति में सुधार होगा।
32 किलोमीटर का नया Expressway
प्रस्तावित योजना में नए Expressway को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे से जोड़ने का सुझाव भी दिया गया है। इसके लिए इसे चिल्ला से महामाया फ्लाईओवर तक प्रस्तावित एलिवेटेड मार्ग से जोड़ना होगा, जो मयूर विहार फ्लाईओवर को सीधे मेरठ एक्सप्रेस वे से जोड़ेगा। इसके अलावा, पुश्ता रोड के साथ 32 किलोमीटर का नया एक्सप्रेस वे कासना के पास यमुना एक्सप्रेस वे से जोड़ा जाएगा, जिससे जेवर एयरपोर्ट को भी कनेक्टिविटी मिलेगी।
2,000 करोड़ रुपए खर्च कर तैयार होगा नया Expressway
इस परियोजना की लागत लगभग 2,000 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। नोएडा प्राधिकरण इस परियोजना के लिए आवश्यक भूमि प्रदान करेगा, जबकि एनएचएआई निर्माण और अन्य खर्चों का जिम्मा उठाएगा। इसके बन जाने के बाद, मेरठ एक्सप्रेस वे के जरिए नोएडा और यमुना एक्सप्रेस वे के माध्यम से लखनऊ तक बिना किसी रुकावट के यात्रा की जा सकेगी। इससे नोएडा के सेक्टर 128, 135, 150, 151, और 168 के साथ-साथ ग्रेटर नोएडा के कुछ क्षेत्रों को अतिरिक्त कनेक्टिविटी मिलेगी। इस परियोजना की संभावनाओं और बजट की योजना पर अभी भी विचार-विमर्श जारी है, लेकिन यह स्पष्ट है कि नोएडा के विकास और ट्रैफिक प्रबंधन के लिहाज से यह प्रोजेक्ट अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।

