देश को समृद्ध और सशक्त बनाने के लिए सरकारें कई योजनाओं पर काम कर रही है। इसमें से एक है महिला सशक्तिकरण। समाज को आगे बढ़ाने के लिए सरकारें पुरुषों के साथ साथ महिलाओं को भी बराबरी का भागीदार बनाने की कोशिश कर रही है लेकिन समाज के कुछ ऐसे नीच लोग है जो इस प्रयास को मिट्टी में मिलाने की कोशिश कर रहे है। अगर समाज में कुछ गलत अनपढ़ व अशिक्षित लोग करते है तो उसे समझाया जा सकता है, माफ़ भी किया जा सकता है। लेकिन वही गलती समाज के शिक्षित वर्ग करने लगे तो फिर उसके शिक्षा और संस्कार पर सवाल उठने लग जाते है।
पिछले तीन सालों से कर रहा लगातार उत्पीड़न
यूपीएससी को देश का सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है। उसे उत्तीर्ण करना अपने आप में बहुत बड़ी बात कही जाती है। इससे आईएएस, आईपीएस, आईआरएस जैसे अफसर बनते है जो समाज कल्याण के कार्य करते है लेकिन दिल्ली से एक ऐसी खबर आ रही है जिसे सुनकर आपका सर शर्म से झुक जाएगा। दरअसल, एक आईआरएस एक महिला आईएएस का पिछले तीन सालों से लगातार उत्पीड़न कर रहा है। महिला अधिकारी ने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक आरोपी आईआरएस कोविड के समय से ही लगातार तंग कर रहा है और मैसेज करके मिलने को कहता है। आरोपी को बार बार मना करने के बाद भी वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है।
बता दें कि आरोपी आईआरएस का नाम सोहैल मलिक है। पीड़ित महिला अधिकारी केंद्रीय मंत्रालय में बतौर संयुक्त सचिव पद पर कार्यरत हैं और उनके पति भी आईएएस अधिकारी हैं। आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के ऊपर धारा 354 डी-(कोई भी पुरुष किसी महिला का उसके मना करने के बावजूद उसका बार-बार पीछा करे), 354 (छेड़छाड़), 506 (धमकी देना) के तहत आरोपी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

