भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का शनिवार को पायलट रूप में नजर आईं। राष्ट्रपति मुर्मू अपनी पारंपरिक पोशाक साड़ी की जगह एयरफोर्स पायलट की पोशाक पहने नजर आईं। यह नजारा था असम के तेज एयरफोर्स स्टेशन का, जहां राष्ट्रपति ने भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमान सुखोई से उड़ान भरी।
महामहिम की ये उड़ान उन महिलाओं के लिए प्रेरणादायक बनेगी जो आज भी पीछे हैं। साथ ही राष्ट्रपति की ये उड़ान चीन के लिए भी एक कड़ा संदेश रही क्योंकि हाल ही में चीन ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ जगहों के नाम बदलने की कोशिश की थी। उसी के तुरंत बाद भारत की ओर से यह कदम उठाया जा रहा है।
जिस तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से राष्ट्रपति सुखोई में उड़ान भरी , वह स्टेशन चीन, म्यांमार, बांग्लादेश और भूटान से सीमाओं की सुरक्षा करता है। ऐसे में इस स्टेशन से सेना के सुप्रीम कमांडर की उड़ान दुश्मन देशों के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।
उड़ान भरने के थोड़ी देर बाद राष्ट्रपति मुर्मू के सुखोई विमान ने तेजपुर स्टेशन पर सुरक्षित लैंडिंग की। इसके साथ ही द्रौपदी मुर्मू ऐसा करने वाली भारत की दूसरी महिला राष्ट्रपति बन गई हैं, उनके पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल सुखोई में उड़ान भर चुकी हैं, उन्होंने 2009 में पुणे वायु सेना बेस से सुखोई फाइटर जेट में उड़ान भरी थी।
तीन दिवसीय दौरे पर असम में हैं राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन दिन के असम दौरे पर हैं। महामहिम 6 अप्रैल को असम पहुंची थीं। पहले दिन उन्होंने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का उद्घाटन किया। इसके बाद 7 अप्रैल को राष्ट्रपति ने माउंट कंचनजंगा अभियान-2023 को हरी झंडी दिखाई। शुक्रवार को दो दिवसीय गज महोत्सव का उद्घाटन किया और उसके बाद गुवाहाटी उच्च न्यायालय के 75 साल पूरे होने पर आयोजित जश्न में शामिल हुईं।

