एक तरफ जहां मालदीव (Maldives) आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा है. तो वहीं भारत (India) ने आपातकालीन वित्तीय सहायता देते हुए मालदीव को फिर से एक साल के लिए 50 मिलियन डॉलर के सरकारी ट्रेजरी बिलों की सदस्यता बढ़ा दी है. आपको बता दें कि इस साल में यह दूसरी बार हो रहा है, जब भारत ने मालदीव को ऐसी सहायता प्रदान की है.
दरअसल, यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है, जब दोनों देशों के बीच संबंधों में नरमी देखी गई है. बता दें कि बीते साल 2023 में मालदीव में राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने “इंडिया आउट” का मुहिम चलाते हुए सत्ता अपने हाथों में संभाली थी और नई दिल्ली से तीन विमानों के संचालन के लिए देश में तैनात 85 से अधिक सैन्यकर्मियों को वापस बुलाने की मांग भी की थी.
मालदीव की गुहार पर एक साल के लिए किया सब्सक्राइब
इंडिया हाई कमीशन ने बयान में है कहा कि भारतीय स्टेट बैंक ने मालदीव सरकार की गुहार लगाने पर उन्हें 50 मिलियन डॉलर के ट्रेजरी बिलों को पिछली सदस्यता के पूरे होने पर एक और साल के लिए सब्सक्राइब किया है. आपको बता दें कि इस साल मई के महीने में ही SBI ने मालदीव सरकार के अनुरोध करने पर पुरानी व्यवस्था के तहत 50 मिलियन डॉलर के ट्रेजरी बिल सब्सक्राइब किए थे. ऐस में ये सब्सक्रिप्शन मालदीव की तरफ से किए गए अनुरोध पर “आपातकालीन वित्तीय सहायता” के रूप में किए गए हैं.
भारत ने जरूरत के समय में की मालदीव की सहायता
इंडिया हाई कमीशन ने कहा कि भारत ने आगे आकर मालदीव की डूबती नईया को पार लगाया है. जिसके लिए भारत ने जरूरत के समय में मालदीव की सहायता की है और ट्रेजरी बिल की मौजूदा सब्सक्रिप्शन, साथ ही इस साल की शुरुआत में मालदीव के लिए आवश्यक वस्तुओं के निर्यात के लिए विशेष कोटा को एक और साल तक बढ़ाने के भारत सरकार के फैसले से मालदीव की सरकार और लोगों को भारत के निरंतर समर्थन का पता चलता है. आपको बता दें कि पड़ोसी पहले की नीति के तहत चल रहा है. भारतीय पक्ष ने मालदीव को एक प्रमुख समुद्री पड़ोसी और Neighbourhood First नीति के तहत एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में भी बताया.
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मालदीव ने भारत का जताया आभार
आपको बता दें कि मालदीव के पर्यटन मंत्री अहमद अदीब ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट करते हुए, 50 मिलियन डॉलर के ट्रेजरी बिलों के रोलओवर के साथ “महत्वपूर्ण बजटीय सहायता” बढ़ाने के लिए भारत सरकार का धन्यवाद किया है. अदीब ने कहा है कि इससे हमारे देशों के संबंध मजबूत होते हैं और आर्थिक स्थिरता और विकास की दिशा में हमारा मार्ग मजबूत होता है.”
मोहम्मद मुइज्जू से पहले की सरकार ने भी लिया था कर्ज
बता दें कि मालदीव वर्तमान की सरकार गंभीर आर्थिक मंदी से जूझ रहा है, इसके राजस्व और विदेशी मुद्रा भंडार कोविड-19 महामारी और रूस-यूक्रेन संघर्ष के नतीजों से प्रभावित हुए हैं. तो वहीं इब्राहिम सोलिह के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने आर्थिक मुद्दों से निपटने के लिए भारत से उधार लिया था और 2023 में मालदीव का कुल कर्ज बढ़कर करीब 8 बिलियन डॉलर हो गया.

