माफिया अतीक की पत्नी अभी पुलिस के लंबे हाथों से फरार चल रही है। शाइस्ता को लेकर बहुत सी खबरें अब सामने आ रहीं हैं। बेटे असद की मौत के बाद लगा था कि एक मां का दिल पसीजेगा और वो खुद को सरेंडर कर देगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वहीं दो दिन बाद यानि 15 अप्रैल को पति अतीक और देवर अशरफ को खुलेआम पुलिस की सुरक्षा के बीच मार दिया गया और 16 अप्रैल को उनके शवों को दफन किया तो लगा था कि अब शाइस्ता खुद को सरेंडर कर देगी लेकिन नहीं वो अपने पति और देवर को आखिरी बार देखने भी नहीं पहुंची।
बताया जा रहा है कि वह प्रयागराज में रहकर ही अपने ठिकाने बदल रही है, उसके साथ आधा दर्जन से ज्यादा महिलाएं भी हैं, ये सभी बुर्के में रहती हैं। ऐसे में शाइस्ता पुलिस को आसानी से चकमा देते हुए ठिकाने बदल रही है। वहीं सूत्रो के हवाले से ये खबरें भी सामने आ रहीं हैं कि शाइस्ता गुड्डू मुस्लिम के साथ फरार चल रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन और बहन आयशा नूरी प्रयागराज में ही छिपे हैं। दोनों लगातार अपनी लोकेशन बदल रही हैं। आयशा और शाइस्ता रोजाना फोन और नंबर दोनों बदल रही हैं।
सूत्रों से ये खबरें भी सामने आ रहीं हैं कि आयशा और शाइस्ता रोजाना फोन और नंबर दोनों बदल रही हैं। शाइस्ता को लेकर उसकी पूरी कहानी भी सामने आ गई है। शाइस्ता ने ग्रेजुएशन किया है। शाइस्ता के घरवालें और अतीक के घरवालें एक दूसरे को पहले से जानते थे। जब शाइस्ता के घरवालें शाइस्ता का रिश्ता लेकर अतीक के घर गए तो उन्होंने इस रिश्ते के लिए हां कह दिया था।
शाइस्ता पहले से बोलने से तेज तर्रार थी। उसने अतीक से ज्यादा पढाई भी की है। तो ऐसे में अतीक के लिए ये फायदेमंद था कि कोई पढ़ी लिखी बीवी आएगी तो सब काम करने में आसानी होगी। अगस्त 1996 में शाइस्ता का निकाह अतीक अहमद के साथ हो गया। इस वक्त तक अतीक ने जुर्म की दुनिया में कदम रख लिया था। अतीक अहमद और शाइस्ता के निकाह के बाद से ही शाइस्ता अतीक के हर जुर्म में उनका बराबर साथ देती थी।
उमेश पाल की हत्या में अतीक अहमद के बेटे के साथ शाइस्ता के शामिल होने की भी बात कही गई। आरोप है कि शाइस्ता ने उमेश पाल की हत्या की प्लानिंग में मदद की थी। मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस के बयानों के मुताबिक उमेश पाल की हत्या की शुरुआत शाइस्ता ने ही कराई थी। सबसे पहले वो अतीक से साबरमती जेल में मिलने गई। वहीं अतीक और उसके बीच उमेश पाल को मारने की बात हुई।
बातचीत के बाद अतीक ने शाइस्ता से जेल में ही एक फोन पहुंचाने को कहा। जेल में फोन पहुंचाने के लिए अतीक ने एक पुलिसकर्मी का नाम भी बताया था। जिसके जरिए कुछ दिनों बाद ही शाइस्ता ने अतीक को फोन पहुंचाया था। अब उसी फोन के जरिए अतीक शाइस्ता को मर्डर की प्लानिंग करने में मदद करने लगा। एक तरफ शाइस्ता बाहर बैठकर पूरी प्लानिंग कर रही थी।
दूसरी तरफ जेल के अंदर से अतीक शूटर्स को जुटाने में लगा था। कुछ ही दिनों में हत्याकांड की पूरी प्लानिंग हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी बताया गया कि उमेश पाल हत्याकांड में जो शूटर्स CCTV फुटेज में दिखाई दिए उन्होंने कुछ दिन पहले शाइस्ता से मुलाकात की थी।
सब कुछ फाइनल हुआ तब अतीक ने शाइस्ता से फोन पर बात की। पूरे मामले में असद की भूमिका भी समझायी। इस पर शाइस्ता ने अतीक का विरोध किया। उनका कहना था कि इस पूरे घटना में असद को शामिल नहीं कराना चाहिए। लेकिन उसी समय अतीक ने कहा था कि असद शेर का बेटा है। इसके बाद असद ने ही इस पूरे हत्याकांड को अंजाम दिया।

