सांस्कृतिक संपत्ति और चीज़ों की अवैध तस्करी हमेशा से ही एक पुराना विषय रहा है, जिस कारण पूरे इतिहास में कई संस्कृतियों और देशों को प्रभावित किया है. तो वहीं इस समस्या से खासकर भारत भी प्रभावित हुआ है. बड़ी संख्या में कलाकृतियाँ और बेशकीमती वस्तुएं तस्करी के जरिए भारत से विदेशों में बेची गईं हैं. ऐसे में अब इस मामले में भारत देश के एक बड़ी सफलता मिली है. जिससे अमेरिका ने भारतीय संस्कृति से जुड़ी 297 नायाब वस्तुएं लौटा दी हैं.
अमेरिका ने भारत को लौटाईं 297 चोरी हुईं नयाब कलाकृतियां
दरअसल, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) इस समय अमेरिका (America) के दौरे पर है, तो वहीं अमेरिका ने पीएम मोदी की यात्रा के दौरान 297 प्राचीन वस्तुएं यानि की कलाकृतियां भारत को वापस सौंप दी है। बता दें कि देश की संस्कृति के बारे में जानकारी देने वाली इन प्राचीन वस्तुओं को तस्करी कर देश से बाहर ले जाया गया था। ऐसे में एक बयान में बताया गया है कि 2014 से अब तक पिछले दस सालों में भारत को कुल 640 प्राचीन वस्तुएं वापस मिली हैं, जिसमें से अकेले अमेरिका ने 578 वस्तुएं लौटाई हैं। आपको बता दें कि यह किसी दूसरे देश द्वारा भारत को लौटायी गई सबसे अधिक सांस्कृतिक कलाकृतियां हैं। तो वहीं पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन (President Joe Biden) की तरफ से की गई इस पहल के लिए उनकी प्रशंसा की है.
पीएम मोदी ने ट्वीट पर दी जानकारी
बता दें कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट करते हुए इन 297 नयाब कलाकृतियों के अमेरिका से भारत वापस आने के लिए जानकारी दी है. उन्होंने इन नयाब वस्तुओं को लौटाने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन का भी धन्यवाद किया है। पीएम ने आगे कलाकृतियों की तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा कि ‘सांस्कृतिक जुड़ाव को गहराते और सांस्कृतिक संपत्तियों की अवैध तस्करी के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करते हुए। मैं भारत को 297 अमूल्य कलाकृतियां लौटाने के लिए राष्ट्रपति जो बाइडन और अमेरिकी सरकार का अत्यधिक आभार व्यक्त करता हूं।
ये भी पढ़ें…
नयाब कलाकृतियों की भारत में वापसी
अमेरिका से भारत नयाब कलाकृतियों के वापस आने पर अधिकारियों ने कहा कि, यह बहुत सुखद समाचार है कि अमेरिका से भारत को नयाब कलाकृतियों की वापसी हो रही है। यह न केवल भारत के सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा का संकेत है, बल्कि यह उस प्रयास का भी प्रतिबिंब है जिसमें सरकार और वैश्विक नेताओं के बीच मजबूत संबंधों का महत्वपूर्ण योगदान है। पीएम मोदी की कूटनीतिक पहल ने इस प्रक्रिया को मजबूत बनाया है। इन कलाकृतियों की वापसी भारत की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूती प्रदान करेगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारे धरोहर को संरक्षित करने में मदद करेगी। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो हमें अपने इतिहास और संस्कृति के प्रति गर्व महसूस कराता है।
दोनों देशों के बीच इसी साल में हुआ पहला समझौता
आपको बता दें कि इसी साल जुलाई में ही भारत और अमेरिका ने सांस्कृतिक संपत्ति की अवैध तस्करी को रोकने और पुरातन चाज़ों को उनके मूल स्थान पर वापस लाने के लिए अपना पहला समझौता किया था. इसको लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि, “विरासत और संस्कृति का संरक्षण: पुरावशेषों का पुनरुद्धार” एक महत्वपूर्ण विषय है। अमेरिकी पक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान 297 चोरी या तस्करी की गई पुरावशेषों की वापसी में सहयोग किया है। यह कदम न केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्स्थापित करने में सहायक है, बल्कि वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक संपत्ति के संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाता है।
तीन दिन की अमेरिकी यात्रा पर हैं पीएम मोदी
बता दें कि पीएम मोदी भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए अमेरिका के तीन दिन के दौरे पर है. पीएम मोदी ने शनिवार 21 सितंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की ओर से अपने गृहनगर विलमिंगटन, डेलावेयर में आयोजित क्वाड लीडर्स समिट में भाग लिया था.

