Haryana News: हरियाणा में कांग्रेस पार्टी ने करीब 11 साल बाद संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के 32 जिलों में जिला अध्यक्षों के नामों का ऐलान किया है। यह घोषणा मंगलवार शाम कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने की। लंबे समय से पार्टी के भीतर चल रही खींचतान और चर्चाओं के बाद यह फैसला सामने आया है, जिसे संगठन में नई जान फूंकने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
घोषित सूची में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा गुट का वर्चस्व साफ़ नजर आ रहा है। अधिकांश जिला अध्यक्ष उनके समर्थकों में से हैं, हालांकि कांग्रेस ने कुमारी शैलजा को पूरी तरह दरकिनार नहीं किया है। उनके कुछ नजदीकी नेताओं को भी इस लिस्ट में स्थान दिया गया है।
विभिन्न समुदायों के नेताओं को बनाया जिला अध्यक्ष
दिलचस्प बात यह है कि 32 में से केवल एक महिला को जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। संतोष बेनीवाल को सिरसा जिला कांग्रेस कमेटी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह कांग्रेस में महिला नेतृत्व की कमी और प्रतिनिधित्व पर भी सवाल उठाता है।
कांग्रेस ने इस नियुक्ति प्रक्रिया में जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश की है। जाट, ब्राह्मण, राजपूत, पंजाबी, बनिया और पिछड़ा वर्ग जैसे विभिन्न समुदायों के नेताओं को जिला अध्यक्ष बनाया गया है, ताकि समाज के सभी वर्गों में संगठन की पकड़ मजबूत की जा सके।
इस पूरी प्रक्रिया की शुरुआत जून 2025 में राहुल गांधी द्वारा की गई थी, जब उन्होंने हरियाणा के वरिष्ठ नेताओं और एआईसीसी पर्यवेक्षकों के साथ बैठक की थी। यह कदम कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान का हिस्सा था, जिसके तहत राज्य में सक्रिय और प्रभावशाली नेतृत्व तैयार किया जा रहा है।
घोषित सूची
घोषित सूची में कई ऐसे नेता भी शामिल हैं जो 2024 के विधानसभा चुनावों में हार चुके हैं, जैसे परविंदर परी (अंबाला कैंट), अनिरुद्ध चौधरी (भिवानी ग्रामीण), और वर्धन यादव (गुरुग्राम ग्रामीण)। इनके अलावा पवन अग्रवाल (अंबाला शहर), अरविंद शर्मा (फतेहाबाद), पंकज डावर (गुरुग्राम शहरी), नेत्रपाल अधाना (पलवल), बलवान सिंह (रोहतक), और बलजीत कौशिक (फरीदाबाद) जैसे कई अन्य नेताओं को भी जिला अध्यक्ष बनाया गया है।

अब सबकी नजरें कांग्रेस विधायक दल के नेता, यानी नेता विपक्ष के नाम पर टिकी हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी जल्द ही इस पर भी निर्णय ले सकती है, क्योंकि 22 अगस्त से हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने वाला है और कांग्रेस चाहती है कि सदन में उसका नेता विपक्ष तय हो और मजबूती से पार्टी का पक्ष रख सके।
ये भी पढ़ें : Delhi Weather: दिल्ली-एनसीआर में मानसून ने लिया ब्रेक! लगातार तीसरे दिन बारिश नदारद, तापमान ने तोड़े अगस्त के रिकॉर्ड
ये भी देखें : दिल्ली विधानसभा में मंजिंदर सिंह सिरसा की किस बात पर CM रेखा गुप्ता ने जताई आपत्ति