Greater Noida: शहर की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को अत्याधुनिक बनाने के लिए ग्रेटर नोएडा में हाई-रेजोल्यूशन कैमरों की स्थापना का कार्य जल्द शुरू होने जा रहा है। सेफ सिटी परियोजना के तहत कुल 356 स्थानों पर 2,739 कैमरे लगाए जाएंगे, जो शहर की सुरक्षा और ट्रैफिक संचालन में अहम भूमिका निभाएंगे। इन कैमरों को नववर्ष तक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से जोड़ा जाएगा।
तकनीकी रूप से अत्याधुनिक होंगे कैमरे
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने जानकारी दी कि ये हाई-रेजोल्यूशन कैमरे जूम इन-आउट और टिल्ट अप-डाउन जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस होंगे। इन कैमरों की मदद से वाहन चालकों की गतिविधियों के साथ-साथ व्यक्तियों की पहचान भी संभव होगी। संवेदनशील इलाकों में आपराधिक गतिविधियों पर इनकी रियल-टाइम नजर होगी, जिससे सुरक्षा में वृद्धि होगी।
इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का विस्तार
नोएडा की तर्ज पर ग्रेटर नोएडा में भी इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू किया जा रहा है। यह सिस्टम सेफ सिटी परियोजना का हिस्सा होगा और ट्रैफिक संचालन को अत्यधिक सुगम बनाएगा। प्राधिकरण कार्यालय के टॉवर-1 के पहले तल पर इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जा रहा है। इसके क्रियान्वयन के लिए 700 से अधिक तकनीकी सवालों पर कंपनियों से विचार-विमर्श किया गया है।
यातायात व्यवस्था में आएगा सुधार
ग्रेटर नोएडा के परी चौक, एलजी चौक, सूरजपुर टी-पॉइंट, पी-3, और मोजरवेयर गोलचक्कर जैसे प्रमुख स्थानों पर यातायात पुलिस की उपस्थिति रहती है। लेकिन अन्य स्थानों पर नियमों के उल्लंघन की घटनाएं अधिक देखने को मिलती हैं। गलत दिशा में वाहन चलाने जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए ये कैमरे विशेष योगदान देंगे।
निजी कंपनियों से मिलेगी मदद
कैमरों की स्थापना के लिए कई निजी कंपनियां अपनी सेवाएं दे रही हैं। उनके सहयोग से शहर की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में यह कदम एक ऐतिहासिक प्रयास साबित होगा।
रियल-टाइम निगरानी से अपराधों पर लगेगा अंकुश
हाई-रेजोल्यूशन कैमरों के माध्यम से ग्रेटर नोएडा में अपराध की रोकथाम और अपराधियों की त्वरित पहचान संभव होगी। प्राधिकरण का मानना है कि इस परियोजना से न केवल सुरक्षा बल्कि लोगों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आएंगे।
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प्रमुख चरणों की समयसीमा
नववर्ष तक इस परियोजना के अधिकांश चरण पूरे कर लिए जाएंगे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का यह प्रयास शहरवासियों के लिए एक सुरक्षित और बेहतर वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में अहम साबित होगा।

