रिपोर्ट : निशांत शर्मा
ग्रेटर नोएडा में इन दिनों भूमाफियों का आतंक पूरे चरम पर है। भूमाफिया ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सरकारी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। भूमाफियाओं की मनमानी इस कदर है कि ना तो उन्हें शासन का डर ना ही प्रशासन की किसी कार्रवाई का डर है। अवैध जमीन कब्जा का यह धंधा बिसरख गौर सिटी चौकी वन की नाक के नीचे धड़ल्ले से चलाया जा रहा है । ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की करोड़ों रुपए की इस कई बीघा बेशकीमती जमीन पर भूमाफियाओं ने डेरा डाल रखा है।
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करके धड़ल्ले से हो रहा मार्केट का निर्माण
सरकारी जमीन पर कब्जा करके अवैध मार्केट का धड़ल्ले से निर्माण किया जा रहा है, गौर सिटी वन के पास रेस्टोरेंट, ढाबे, कारखाने, फर्नीचर शोरूम समेत अवैध मार्केट का जो ये निर्माण हो रहा है इसमें कहीं ना कहीं ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की भी मिली भगत नजर आ रही हैं । पूरी जमीन पर दबंग कब्जाधारी मुआवजा उठी जमीन पर प्रति महीना 10 लाख से अधिक का किराया वसूल रहे हैं ।
शिकाय करवाई गई दर्ज लेकिन अधिकारियों के जवाब में कोई साबित करने वाली बात नहीं
वहीं हैबतपुर के ग्रीन बेल्ट पर भी चिपयाना खुर्द तिगड़ी के दोनों तरफ मार्केट, अवैध फार्महाउस, धर्मकांटा, शोरुम बनाए गए हैं, कुछ अधिकारी ट्विन टावर की तरह से माफियाओं से मुनाफा कमाने की वजह से नियमों को ताक पर रखकर इस जमीन कब्जा वाले खेल में शामिल हैं। पूरे मामले को लेकर शिकायत भी दर्ज करवाई गई है जिसके जवाब में अधिकारियों का जवाब कहीं से सही साबित नहीं होता है ।
अवैध कब्जे में कई अधिकारियों की संलिप्तता
1 सितम्बर 2022 को अवैध शिकायत के जवाब में अधिकारियों ने जवाब दिया कि औद्योगिक क्षेत्र अधिनियम 1976 की धारा 10 के अन्तर्गत नोटिस जारी किया गया। अवैध निर्माण के खिलाफ थाना बिसरख में 15 नवंबर को 2021 को तहरीर दी गई थी इसके बाद 24 सितंबर 2021 और 20 जुलाई 2022 को कब्जा हटाने के लिए पुलिस बल की मांग की गई, लेकिन पुलिस बल नहीं मिल सका। अधिकारियों के जवाब के अनुसार पुलिस बल मिलते ही कार्रवाई की जाएगी। लेकिन सवाल यही है कि क्या उत्तर प्रदेश सरकार के पास पुलिस के जवान नहीं है, अधिकारियों का यह जवाब कहीं ना कहीं यह दिखाता है कि इस अवैध कब्जे के खेल में कई अधिकारियों की संलिप्तता है।
कब जागेगा प्राधिकरण और भूमाफियाओं पर अवैध कब्जे को लेकर होगी कार्रवाई
इस जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कई बार जमीन खाली कराने का आदेश दे चुका है लेकिन भूमाफिया इस कदर हावी है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अपनी ही जमीन खाली कराने में पूरी तरह से विवश नजर आ रहा है। हैबतपुर ग्राम के जगत प्रधान समेत अन्य लोग है इस कब्जे वाले खेल में शामिल हैं, सूत्रों के हवाले से खबर ये भी है कि कब्जाधारियों के साथ प्राधिकरण के अधिकारी भी इस अवैध वसूली में बंदरबांट करते हैं। मुख्यमंत्री पोर्टल पर कई बार मामले को लेकर शिकायत दर्ज करवाई गई लेकिन प्राधिकरण की ये जमीन अभी तक खाली नहीं हो पाई है ।अवैध कब्जे वाली इस जमीन पर शिकायत के बाद भी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सुपरवाइजर से लेकर सर्किल अधिकारी तक आंख मूंद कर बैठे हैं।अब ऐसे में सवाल यही है कि आखिर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी कब नींद से जागेंगे और भूमाफियाओं के इस जमीन कब्जा वाले खेल पर कब कार्रवाई की जाएगी।

