Greater Noida News: कुणाल शर्मा हत्याकांड में ग्रेटर नोएडा पुलिस को आठ दिनों बाद बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दो आरोपियों को बुधवार रात डाढ़ा गोलचक्कर के पास हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। बाद में अन्य दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया जिसमें एक महिला भी शामिल है। मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी है जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी।
घटना में प्रयुक्त गाड़ी बरामद
पुलिस ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि आरोपित सबूत मिटाने के इरादे से ग्रेटर नोएडा कि ओर निकले हैं। उनके पास से घटना में प्रयुक्त हथियार और गाड़ी बरामद हुई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुणाल भाटी, मनोज, तन्वी और हिमांशु के रूप में हुई है।
ब्याज के पैसों के कारण हुई हत्या
ग्रेटर नोएडा के डीसीपी साद मियां खान ने बताया कि, जांच में पता चला है कि आरोपी मनोज मृतक का मौसा है। दूसरे आरोपी हिमांशु ने उसके पिता कृष्ण कुमार शर्मा से ब्याज पर ढ़ाई लाख रूपये लिए थे। जिसे वो लौटा नहीं पा रहा था। इसे लेकर दोनों पक्षों में कई बार झड़प भी हो चुकी थी। आरोपियों ने पैसे देने से बचने और ढ़ाबा हड़पने के लिए कुणाल की हत्या कर दी।
मनोज और हिमांशु ने रची थी साजिश
अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय बबलू कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि घटना में फरार चल रही महिला आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। उसकी पहचान तन्वी के रूप में हुई है। हत्या की साजिश मनोज और हिमांशु ने मिल कर रची थी। उन्हें पता था कि कुणाल की मौत के बाद कृष्ण शर्मा ढ़ाबा नहीं चला पाएंगें। जिससे उन्हें ढ़ाबा हड़पने में आसानी होगी। इस मामले में बीटा-2 पुलिस स्टेशन और स्वाट टीम मिल कर काम कर रही थी।
अपहरण के 48 घंटे बाद हुई थी हत्या
एक मई को 15 वर्षीय कुणाल शर्मा को उसके पिता के ढ़ाबे के सामने से अगवा किया गया था। परिजनों की शिकायत पर स्थानीय बीटा-2 स्टेशन पुलिस ने आईपीसी की धारा 363 के तहत अपहरण का मामला दर्ज किया था। बाद में तीन मई को कुणाल की लाश मिलने पर आईपीसी की धारा 364 के तहत मामला दर्ज कर जांच कर रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला था कि हत्या अपहरण के 48 घंटे बाद की गई थी।
खुद ही गाड़ी में बैठा था कुणाल
घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज में दिखा था कि कुणाल आरोपियों के बुलाने पर खुद ही जा कर गाड़ी में बैठा था। पुलिस उसी फुटेज को आधार मान कर जांच कर रही थी। कुणाल आठवीं क्लास ड्रॉपऑउट था। उसके पिता ‘शिवा द ढ़ाबा’ चलाते थे जहां वह मदद करता था। ढ़ाबा के सामने से ही उसे अगवा किया गया था। उसके बाद उसकी लाश बुलंदशहर के पास नहर में मिली थी।

