हिंदी हिंदुस्तान की राष्ट्रभाषा तो है ही साथ ही दे की अस्मिता और गौरव का प्रतीक भी है। हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। सरल, सहजता और संवेदनशील हिंदी भारत की शान है। वर्ष 1949 में हिंदी को संविधान सभा द्वारा भारत की राजभाषा ते तौर पर स्वीकार किया गया था जिसे सबसे पहले 14 सितंबर 1953 को मनाना शुरू किया गया।
हिंदी दिवस के मौके पर गाजियाबाद के स्कूलों में दिखा उत्साह
आज दिनांक 14.9.23 को हिंदी दिवस के अवसर पर नगर पालिका बालिका इंटर कॉलेज चंद्रपुरी गाजियाबाद में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर छात्राओं ने कबीरदास , तुलसीदास सूरदास और रहीम के दोहे की प्रतियोगिता में भाग लिया। हिंदी विषय पर लघु नाटिका व भाषण के माध्यम से छात्रों द्वारा हिन्दी का महत्व विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए गए साथ ही नई शिक्षा नीति में मातृभाषा के महत्व को भी समझाया गया।
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स्कूलों में समझाया गया हिंदी दिवस का महत्व
कार्यक्रम का प्रारंभ प्रधानाचार्य डा अन्तिमा चौधरी के द्वारा दीप प्रजवलन करके किया गया प्रधानाचार्य जी ने छात्राओं को हिंदी भाषा का महत्व बताया और सभी को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने अपनी मातृभाषा को आगे बढ़ाने का बच्चो को संकल्प भी दिलाया। कार्यक्रम में कृष्णा कुमारी,सरोज बाला, कमलेश, अर्चना राव,संध्या चतुर्वेदी शशि बाला रश्मि का सहयोग रहा।

