Ghaziabad News: राजनगर एक्सटेंशन निवासी इंटीरियर डिजाइनर तरुण पंवार की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस मामले में पुलिस ने एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने शव को खुर्द-बुर्द करने में इस्तेमाल किया गया फावड़ा बरामद कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या में अब तक नौ लोगों के शामिल होने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि छह अन्य अभी भी फरार हैं। पुलिस का दावा है कि बुलंदशहर के औरंगाबाद के पास नहर से तरुण का दाहिना पैर बरामद हुआ है। बुलंदशहर में डीएनए जांच कराई जा रही है और शव के अन्य हिस्सों को बरामद करने के लिए पुलिस एनडीआरएफ के गोताखोरों की मदद ले रही है।
अंजलि से नजदीकियों से अक्षय था नाराज
डीसीपी राजेश कुमार ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि अंजलि नाम की महिला अपने पति से विवाद के चलते अलग रह रही थी। राजनगर एक्सटेंशन की ऑरा कैमोरा सोसायटी में रहने वाली अंजलि से तरुण की नजदीकियां बढ़ रही थीं। उसने लोनी इलाके में रहने वाले अपने साले अक्षय को इसकी जानकारी दी। अंजलि वैसे तो कई लोगों के संपर्क में है, लेकिन अक्षय उसका सबसे करीबी है। महिला का सोसायटी के मेंटेनेंस इंचार्ज से भी संबंध है। अक्षय और पवन ने अंजलि के साथ मिलकर पूरी हत्या की साजिश रची और अन्य लोगों को भी इसमें शामिल किया।
दीपांशु के किराए के मकान में की गई हत्या
मोरटा में किराए के मकान में रहने वाले बुलंदशहर के बीबी नगर निवासी दीपांशु ने तरुण को इंटीरियर डिजाइनिंग के काम के लिए साइट दिखाने के बहाने बुलाया था। यह घटना 18 अगस्त को हुई। दीपांशु के घर पर पवन, वंश, अंकुर और अंकित पहले से ही मौजूद थे। जैसे ही तरुण कमरे में दाखिल हुआ, दीपांशु ने उसके सिर पर डंडे से वार कर दिया। सिर से खून बहने लगा और तरुण बेहोश हो गया। इसके बावजूद वे उसे पीटते रहे, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद वंश और दीपांशु तरुण की किआ सोनेट कार लेकर नेहरू नगर पहुंचे और यशोदा अस्पताल की पार्किंग में खड़ी कर दी। आधी रात के करीब वंश और दीपांशु तरुण के शव को वैगनआर कार में लेकर चले गए।
शहरावली नहर में शव के टुकड़े
बुलंदशहर के बीबी नगर में शहरावली नहर पर फावड़े और दरांती से शव के टुकड़े किए, हाथ-पैर काटकर नहर में फेंक दिए। शव के बचे हुए हिस्सों को सीमेंट की बोरियों में भरकर हापुड़ के बनखंडा गांव के पास नहर में फेंक दिया। वंश और दीपांशु तरुण के धड़ को रामगढ़ झाल इलाके में ले गए और नहर में फेंक दिया। तीन दिन की अथक मेहनत के बाद पुलिस नहर से सिर्फ एक पैर ही बरामद कर पाई।
तीन गिरफ्तार, छह फरार
पुलिस ने हत्या में शामिल अंजलि, पवन और वंश को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस छह अन्य की तलाश कर रही है: दीपांशु, अक्षय, जीते, अंकुर, मनोज और अंकित। एसीपी रवि कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर छापेमारी की जा रही है और नहर से शव के अन्य हिस्सों को बरामद करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। तरुण के जीजा रविंद्र ने बताया कि 5 अगस्त से ही तरुण को मोरटा गांव के पास एक जगह पर जाने के लिए फोन आ रहे थे। 16 अगस्त को तरुण अपने शेड्यूल से समय निकालकर मोरटा गया था। उसके मोबाइल की आखिरी लोकेशन वहीं मिली थी। 16 अगस्त की शाम को नंदग्राम थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
उसी शाम तरुण की कार मिली
तरुण की कार 16 अगस्त की शाम करीब 8 बजे संजयनगर स्थित यशोदा अस्पताल की पार्किंग में मिली थी। बाद में उसी रात परिवार ने नंदग्राम पुलिस को तरुण के संभावित अपहरण की सूचना दी और उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। 20 अगस्त की रात गुमशुदगी के मामले को अपहरण के मामले में बदल दिया गया। जांच के दौरान एक संदिग्ध से पूछताछ की गई, जिसमें खुलासा हुआ कि 16 अगस्त को मोरटा में साइट देखने के लिए बहला-फुसलाकर ले जाने के बाद तरुण की हत्या कर दी गई थी। तरुण की आखिरी लोकेशन मोरटा में मिली थी, जिसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया था।

