Ghaziabad News: जिले में स्वास्थ्य विभाग ने ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) को लेकर एडवाइजरी जारी की है। इसके साथ ही गाजियाबाद के सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि एचएमपीवी वायरस से घबराने या ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है। कुछ जरूरी सावधानियां अपनाते हुए अस्वस्थ महसूस होने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। बिना डॉक्टरी सलाह के खुद दवा लेने की गलती न करें। सीएमओ ने डॉक्टरों को सांस के मरीजों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आम जनता से भी सांस संबंधी समस्या वाले व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।
कुछ व्यक्तियों के लिए अतिरिक्त सावधानियां जरूरी
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि एचएमपीवी संक्रमण के लक्षणों में सर्दी, खांसी और फ्लू जैसी स्थितियां शामिल हैं। कोविड और टीबी की तरह यह वायरस भी श्वसन पथ से फैलता है। इसलिए सुरक्षित दूरी बनाए रखने और मास्क का उपयोग करने के साथ ही हाथ मिलाने से बचने की सलाह दी जाती है। अन्य संक्रमणों की तरह बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से ग्रसित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
एचएमपीवी एक सामान्य श्वसन वायरस है
जिला निगरानी अधिकारी (डीएसओ) डॉ. आर.के. गुप्ता ने बताया कि भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार एचएमपीवी एक सामान्य श्वसन वायरस है। चीन के कुछ हिस्सों में इस वायरस के मामले सामने आए हैं। इसके लक्षण अन्य श्वसन रोगों जैसे ही हैं। सर्दियों के मौसम में यह सर्दी, खांसी और फ्लू जैसे लक्षणों के साथ सामने आता है। इस मौसम में मौसमी इन्फ्लूएंजा, इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (एसएआरआई) की संभावना भी बढ़ जाती है। इससे ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है।
श्वसन रोगों से बचाव के लिए सावधानियां
डीएसओ डॉ. आरके गुप्ता ने जोर देकर कहा कि इस मौसम में होने वाले श्वसन रोगों और संक्रमण से बचाव के लिए बच्चों, बुजुर्गों और सहवर्ती स्थितियों (अन्य मौजूदा बीमारियों) वाले लोगों को सतर्क रहना चाहिए। छींकते या खांसते समय अपने मुंह को रूमाल या टिश्यू से ढकें। भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें। नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें और पौष्टिक भोजन का सेवन करें। सर्दी, खांसी या बुखार होने पर डॉक्टर से सलाह लें और स्वस्थ व्यक्तियों से दूरी बनाए रखें।
संक्रमण की स्थिति में क्या न करें
किसी भी मौसमी श्वसन संक्रमण (सर्दी, खांसी, फ्लू) के मामले में टिश्यू का दोबारा इस्तेमाल न करें। लक्षण वाले व्यक्तियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। हाथ मिलाने से बचें। डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न लें। अपनी आँखों, नाक और मुँह को बार-बार छूने से बचें। सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें। अपने हाथों को नियमित रूप से साबुन और पानी से धोएँ, खासकर बाहर से लौटने के बाद।

