Ghaziabad News: गाजियाबाद के साइबर थाने में डासना देवी मंदिर के महंत और जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। साइबर थाने में दर्ज मामले में यति पर धार्मिक विद्वेष फैलाने का आरोप लगाया गया है। एसआई ध्रुव नारायण की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि यति ने विश्व धार्मिक संसद के लिए बनाई गई वेबसाइट पर दूसरे धर्म के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की है।
वेबसाइट पर आपत्तिजनक पोस्ट
एफआईआर में कहा गया है कि महंत नरसिंहानंद सरस्वती ने विश्व धार्मिक संसद के आयोजन के लिए विश्व धार्मिक सम्मेलन नाम से एक वेबसाइट बनाई थी। आरोप है कि महामंडलेश्वर ने इस वेबसाइट का इस्तेमाल दूसरे धर्म के खिलाफ भावनाएं भड़काने के लिए किया। उनके कार्यों से समाज में कानून-व्यवस्था को खतरा बताया जा रहा है। गौरतलब है कि विश्व धार्मिक संसद का आयोजन 17 से 19 दिसंबर तक डासना मंदिर में होना प्रस्तावित था, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने आयोजन की अनुमति नहीं दी।
बाद में रेडिसन होटल के लिए मांगी अनुमति
डासना मंदिर में विश्व धर्म संसद की अनुमति न मिलने और यति नरसिंहानंद के बयानों को लेकर उठे विवाद के बीच यति नरसिंहानंद सरस्वती फाउंडेशन की महासचिव डॉ. उदिता त्यागी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कार्यक्रम को रेडिसन होटल में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा। हालांकि, पुलिस और प्रशासन ने फिर भी कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी।
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हरिद्वार में हुआ कार्यक्रम
इसके बाद यति नरसिंहानंद सरस्वती ने हरिद्वार के जूना अखाड़े में विश्व धर्म संसद के आयोजन की घोषणा की। हालांकि, हरिद्वार पुलिस ने भी अनुमति देने से इनकार कर दिया और कार्यक्रम स्थल पर नोटिस चस्पा कर कार्यक्रम रोक दिया। इस दौरान यति ने हवन किया, सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की घोषणा की और अनशन की घोषणा की। बाद में उन्होंने हरिद्वार में धर्म संसद शुरू होने का जिक्र किया और प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान विश्व धर्म संसद के आयोजन का प्रस्ताव रखा।

