शिरोमणि अकाली दल के कद्दावर नेता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का निधन हो गया है। उनकी तबियत खराब चल रही थी और वे पिछले एक हफ्ते से ही मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती थे। 95 वर्षीय बादल कल यानी मंगलवार को फोर्टिस अस्पताल में ही अपनी अंतिम साँस ली और दुनिया को अलविदा कह दिया। बता दें कि प्रकाश सिंह बादल पंजाब की राजनीति के सबसे बड़े नेताओं में से एक थे। वे राज्य के 5 बार मुख्यमंत्री रह चुके है। उन्हें हिंदुओं और सिखों के बीच एकता कायम करने के लिए जाना जाता है।
बहरहाल आज यानी बुधवार को उनकी पार्थिव शरीर को एंबुलेंस में चंडीगढ़ के सेक्टर 28 स्थित शिरोमणि अकाली दल के पार्टी कार्यालय लाया गया। जहाँ आम लोग उन्हें अंतिम बार देख सकेंगे। वही 27 अप्रैल को उनका अंतिम संस्कार उनके गांव बादल में होगा। पूर्व मुख्यमंत्री बादल के निधन पर पंजाब सरकार ने 27 अप्रैल को राज्य में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। इस दौरान सभी दफ्तर और विधिक संस्थान बंद रहेंगे।
बादल के निधन पर देश के तमाम नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। राष्ट्रपति मुर्मू ने बादल के निधन पर ट्वीट करते हुए लिखा कि “प्रकाश सिंह बादल आजादी के बाद से सबसे बड़े राजनीतिक दिग्गजों में से एक थे। उनका निधन एक शून्य छोड़ गया है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने न सिर्फ पंजाब की प्रगति के लिए अथक प्रयास किए, बल्कि देश के विकास में भी बहुमूल्य योगदान दिया।
शोक जताने वालों में उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मानऔर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर प्रमुख हैं। बता दें कि बादल के निधन पर केंद्र सरकार ने दो दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है।

