दिल्ली के साकेत कोर्ट परिसर में शुक्रवार की सुबह दिनदहाड़े हमलावरों ने 4 राउंड की फायरिंग की जिसमें एक महिला घायल हो गई। गोलियों की आवाज़ सुनकर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को इलाज के लिए फौरन अस्पताल भेजा। सरेआम यूं कोर्ट परिसर में गोली चल जाना कड़ी सुरक्षा, कानून व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर देता है कि हमलावर यूं बेखौफ कोर्ट परिसर में गन लेकर दाखिल हो जाते हैं और पुलिस को कोई शक भी नहीं होता।
दिल्ली के साकेत कोर्ट परिसर में शुक्रवार को अदालत खुलते ही फायरिंग की घटना होने से अफरातफरी मच गई। फायरिंग की शुरू होते ही लोग खौफ में आ गए और जान बचाने के इधर-उधर भागने लगे। बताया जा रहा है कि साकेत कोर्ट में हमलावर वकील के भेष में आये थे। हमलवारों ने महिला को पहचानते ही चार गोली मारी।
पुलिस ने बताया कि महिला एक केस में गवाह थी शायद हमलावर ये नहीं चाहते थे कि वो सच्चाई कोर्ट के सामने ना बता दे इसलिए हमलावरों ने महिला पर हमला कर दिया। महिला की हालत नाजुक बताई जा रही है, अब बिना राजनीति कटाक्ष के कोई बात पूरी हो जाए देश में ऐसा हो सकता है भला दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपने ट्वीट में लिखा है कि राजधानी में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।
दूसरों के कामों में अड़चन करने और हर बात पर गंदी राजनीति करने की बजाय सबको अपने अपने काम पर ध्यान देना चाहिए। यदि कानून व्यवस्था नहीं। संभलता तो इस्तीफा दे देना चाहिए। ताकि कोई और इसे कर ले। लोगों की सुरक्षा रामभरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। वहीं, दिल्ली सरकार में मंत्री और आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने LG साहब के आने के बाद दिल्ली की कानून व्यवस्था लगातार बद से बदतर होती जा रही है। कोर्ट में यूं सरेआम गोली चल जाना कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, और पुलिस की नाकामी को साबित करता है कि दिल्ली पुलिस 350 करोड़ के भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।

