दिल्ली के जंतर मंतर पर लगभग पिछले 10 दिनों से धरने पर बैठे पहलवानों की बीती रात पुलिस से झड़प हो गयी,इस पूरे झड़प के दौरान कुछ पहलवान घायल भी हुए और यह हंगामा पूरी रात चलता रहा पहलवानों ने कुश्ती संघ के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और उनकी गिरफ्तारी की मांग करने लगे नतीजन कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गयी थी, इस बीच दिल्ली पुलिस पर भी जमकर आरोप लगे, लेकिन 3 मई की रात जो कुछ हुआ उसने अब इस धरना-प्रदर्शन को नया रूप दे दिया है |
दरअसल धरने पर बैठे पहलवानों ने उनके साथ मारपीट का आरोप लगाया है. इस दौरान एक पहलवान के चोटिल होने की भी खबरें सामने आई है. साथ ही महिला पहलवानों ने अपने साथ धक्का-मुक्की और गाली गलौच करने का भी आरोप लगाया है. धरना स्थल पर हंगामे की खबर मिलते ही दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल, दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज, विधायक कुलदीप समेत कई नेता जंतर-मंतर पहुंचे |
मामला आखिर क्या था?
पुलिस उपायुक्त (नयी दिल्ली) प्रणव तायल ने कहा, आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती बिना अनुमति के ‘फोल्डिंग’ (मुड़ सकने वाली) चारपाई लेकर प्रदर्शन स्थल पर आए. तायल ने कहा कि इस बारे में सवाल किए जाने पर भारती के समर्थक आक्रामक हो गए और ट्रक से चारपाइयां उतारने की कोशिश करने लगे अधिकारी ने बताया कि इसके बाद मामूली कहासुनी हुई तथा भारती और दो अन्य को हिरासत में ले लिया गया | जबकि पहलवानों के मुताबिक़ पुलिस द्वारा उनके साथ धक्का-मुक्की और गाली गलौच करने का आरोप लगाया |
सुप्रीम कोर्ट का आदेश…
लेकिन इस पूरे मामले में आज सुप्रीम कोर्ट की तरफ से एक बड़ा फैसला लिया गया हैं महिला पहलवानों की याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले को बंद कर दिया. भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि हम यह मामला यहां बंद कर रहे हैं. अगर आगे कोई शिकायत हो तो उसे मजिस्ट्रेट या हाई कोर्ट के सामने रखा जा सकता है.सुनवाई के दौरान भारत सरकार के सॉलीसिजर जनरल ने पीठ को बताया कि कोर्ट ने शिकायतकर्ता को सुरक्षा का निर्देश दिया था. नाबालिग शिकायतकर्ता को पर्याप्त सुरक्षा दी गई है. सादे कपड़ों में पुलिस वाले सुरक्षा दे रहे हैं, ताकि पहचान उजागर न हो सके. बाकी 6 को खतरा नहीं पाया गया लेकिन उनको भी सुरक्षा दी गई है|

