माफिया अतीक भले ही मर गया हो लेकिन उसके पीछे के राज धीरे धीरे बाहर सामने आ रहें हैं तब से पुलिस भी भौंचक्की हो रही है। दरअसल प्रयागराज की पुलिस आज अतीक अहमद के दफ्तर पहुंची तो वहां जो उन्होनें देखा उसे देखकर वो भी दंग रह गई। प्रयाग पुलिस अतीक के दफ्तर में दाखिल हुई तो पूरी सीढ़िया छत तक खून के छीटों से रंगी हुई थी, खून से सना हुआ चाकू मिला, खून से लथपथ दुपुट्टा मिला है। जिसे देखकर पुलिस भी दंग रह गई है कि माफिया अतीक ने ऐसा भी इस दफ्तर में क्या किया है जो इतना बुरा हाल एक दफ्तर हो रखा है।
माफिया अतीक के दफ्तर पर ये खून के धब्बे सवाल खड़े कर रहा है कि क्या उसने यहां किसी की हत्या करवाई है। आप फिल्मों या कुछ ऐसे शो में इस तरह के सीन देखते होंगे ठीक इसी तरह माफिया अतीक भी फिल्मी स्टाइल में सभी वारदातों को अंजाम देता था। 2017 में बेशक प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने अतीक के चकिया स्थित दफ्तर पर बुलडोजर चला दिया था। दफ्तर वीरान हो गया था लेकिन अतीक के मनसूबे नहीं डगमगाए उसने अपने टूटे हुए दफ्तर से भी अपनी माफियागिरी को जारी रखा।
अब पुलिस को जो ये खून के धब्बे मिलें हैं वो उसी चकिया टूटे हुए दफ्तर के हैं। अतीक के दफ्तर में सारा सामान बुरी तरह से अस्त व्यस्त है। जिसे देखकर ऐसा लगता है कि यहां पर कुछ ढूंढने की कोशिश की गई है। किचन के अंदर भी खून के निशान हैं। अब सवाल ये भी उठता है कि खून के धब्बे जो मिले हैं वो किसी के मर्डर के हैं या पुलिस को Manipulate करने की कोशिश के लिए ये सब किया गया है। इस खबर की सूचना मिलने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पुलिस की टीम मामले की जांच के लिए दफ्तर में पहुंची हुई है और मौके से सबूत इकट्ठा करने में जुटी हुई है।
पुलिस अतीक के दफ्तर की तलाशी ले रही हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर यहां पर क्या हुआ है। क्या यहां पर किसी की हत्या की गई है या फिर यहां कोई अनहोनी हुई है। चकिया स्थित अतीक का ये वही दफ्तर है जहां पर लोगों का अपहरण कर लाया जाता था और फिर उन्हें टॉर्चर किया जाता था। वहीं अब इस मामले में पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इस हाई प्रोफाइल केस में इस दफ्तर की निगरानी क्यों नहीं की गई। पुलिस ने इसे सील क्यों नहीं किया।

