Dr. Abhishek Verma: शिवसेना शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता Dr.अभिषेक वर्मा ने आज ठाणे जिले के प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता और शिवसेना इकाई के पूर्व प्रमुख आनंद दिघे जी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वर्गीय आनंद दिघे का शिवसेना के गठन और मजबूती में अमूल्य योगदान रहा है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
Dr. वर्मा ने कहा कि आनंद दिघे हिन्दुत्व की पहचान थे और उन्होंने जीवनभर अपनी विचारधारा से कोई समझौता नहीं किया। वे जनता से गहराई से जुड़े हुए नेता थे और हमेशा जमीनी मुद्दों पर संघर्ष करते रहे।
सिर्फ दो ही थे ‘साहब’
Dr. वर्मा ने बताया कि जब तक आनंद दिघे जीवित रहे, तब तक ठाणे जिले में उनके जैसी स्वीकार्यता और लोकप्रियता किसी अन्य नेता को नहीं मिली। उन्होंने कहा, “बालासाहेब ठाकरे के बाद केवल आनंद दिघे ही ऐसे नेता थे, जिनके नाम के आगे ‘साहब’ शब्द सम्मानपूर्वक जोड़ा जाता था। यह उनके प्रभाव, जनसमर्थन और सिद्धांतों के प्रति अडिग रहने का प्रमाण है।”
उन्होंने आगे कहा कि दिघे साहब न सिर्फ शिवसैनिकों के बीच बल्कि आम जनता के दिलों में भी एक विशेष स्थान रखते थे। उनकी स्पष्ट सोच, हिन्दूवादी विचारधारा और निःस्वार्थ सेवा ने उन्हें ‘धर्मवीर’ की उपाधि दिलाई।
श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए Dr.वर्मा ने कहा कि आनंद दिघे अंतिम सांस तक ‘धर्म’ और ‘हिन्दुत्व’ के मार्ग पर अडिग रहे। वे सच्चे अर्थों में हिन्दू समाज के रक्षक थे और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी। उनका जीवन, त्याग और संघर्ष आज भी शिवसेना कार्यकर्ताओं के लिए एक मिसाल है।
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