Delhi Politics: दिल्ली में नए सीएम के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। आतिशी और अन्य मंत्रियों को एलजी ऑफिस से शपथ ग्रहण के लिए अभी समय नहीं मिला है। दरअसल, किसी भी सीएम के इस्तीफे की मंजूरी के लिए फाइल राष्ट्रपति के पास भेजी जाती है। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद फाइल एलजी ऑफिस भेजी जाती है। अभी तक अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे की फाइल उपराज्यपाल के ऑफिस नहीं पहुंची है। इसी तरह आतिशी के शपथ ग्रहण की फाइल भी नहीं पहुंची है।
आतिशी के साथ ये नेता बनेंगे मंत्री
गौरतलब है कि शपथ ग्रहण समारोह के लिए 21 सितंबर की तारीख तय की गई थी। आतिशी के साथ कैबिनेट मंत्री भी शपथ लेंगे। इनमें गोपाल राय, कैलाश गहलोत, सौरभ भारद्वाज और इमरान हुसैन शामिल हैं। नई कैबिनेट में एक नया चेहरा भी शामिल किया गया है। सुल्तानपुर माजरा से आप विधायक मुकेश अहलावत भी इसका हिस्सा होंगे।
आतिशी दिल्ली की तीसरी महिला सीएम होंगी
आतिशी दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री बनने जा रही हैं। उनसे पहले दिवंगत शीला दीक्षित और दिवंगत सुषमा स्वराज सीएम रह चुकी हैं। दिल्ली सरकार में कई विभागों को संभाल चुकी आतिशी को अरविंद केजरीवाल ने इस पद के लिए नामित किया था और इस पर सभी ने सहमति जताई थी।
कालकाजी सीट से विधायक
आतिशी दिल्ली की कालकाजी विधानसभा सीट से विधायक हैं। शपथ लेने के बाद उन्हें फ्लोर टेस्ट पास करना होगा। 26-27 सितंबर को दिल्ली विधानसभा का सत्र बुलाया गया है।
दिल्ली सरकार में सबसे ज्यादा विभाग संभाल रहीं
आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल के जेल जाने के बाद आतिशी के पास 13 विभाग थे। दिल्ली सरकार में किसी भी अन्य मंत्री ने इतने विभाग नहीं संभाले हैं। उन्हें अरविंद केजरीवाल का भरोसेमंद माना जाता है। 2015 से 2018 तक वह दिल्ली के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की सलाहकार भी रहीं।

