Delhi News: उपराज्यपाल वीके सक्सेना के अभिभाषण के बाद शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक एवं दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने आम आदमी पार्टी की पूर्व सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार दिल्ली को पेरिस और लंदन बनाने की बात करती थी, लेकिन हम इसे धर्मराज युधिष्ठिर का इंद्रप्रस्थ बनाएंगे। उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि दिल्ली को दुनिया का नहीं, बल्कि देश का सबसे सुंदर शहर बनाया जाएगा।
दिल्ली को मोस्ट पोल्यूटेड सिटी बनाने का आरोप
विधानसभा में चर्चा के दौरान प्रवेश वर्मा ने कहा, “वे लोग दिल्ली के विकास की बात करते थे, लेकिन आज स्थिति यह है कि जहां हैदराबाद को आईटी हब, महाराष्ट्र को फाइनेंशियल हब और बेंगलुरु को स्टार्टअप हब के रूप में पहचान मिली, वहीं दिल्ली को ‘मोस्ट पोल्यूटेड सिटी’ के रूप में जाना जाता है। दिल्ली में समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर मौजूद है। हमारी सरकार दिल्ली को एक बेहतरीन सांस्कृतिक और विरासत शहर बनाएगी और इसे देश का सबसे सुंदर शहर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
‘तिहाड़ के बाहर भी लगे बोर्ड- फिर आएंगे केजरीवाल’
आम आदमी पार्टी की पूर्व सरकार पर निशाना साधते हुए प्रवेश वर्मा ने कहा, “दिल्ली की बदहाल स्थिति केवल इस शहर का ही नहीं, बल्कि पूरे देश का अपमान है। यदि दिल्ली में कोई भ्रष्टाचार करता है, तो उसकी छवि पूरे देश पर असर डालती है। अगर दिल्ली के मुख्यमंत्री जेल जाते हैं, तो यह केवल राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खबर बनती है। पूरी कैबिनेट एक-एक कर जेल जाती रही। चुनाव के समय ‘फिर लाएंगे केजरीवाल’ के बोर्ड लगते थे, अब तिहाड़ जेल के बाहर भी बोर्ड लगना चाहिए कि ‘फिर आएंगे केजरीवाल’।”
उन्होंने कहा कि जो लोग अन्ना आंदोलन में ईमानदारी का नारा लगाकर आए थे, वही आज तिहाड़ जा रहे हैं। “यह वही सरकार है, जिसने दिल्ली की दशा और दिशा को गहरे झटके दिए हैं।”
‘लंदन बनाने चले थे, शराब के ठेके बना दिए’
प्रवेश वर्मा ने आगे कहा, “वे लोग कहते थे कि दिल्ली को पेरिस और लंदन बनाएंगे, लेकिन हम इसे धर्मराज युधिष्ठिर का इंद्रप्रस्थ बनाएंगे। एक समय था जब भारत विश्व गुरु था, हमारी कला, विज्ञान, साहित्य और उद्योग पूरी दुनिया में अपनी पहचान रखते थे। लेकिन समय के साथ हम अपनी संस्कृति को भूलते गए।”
उन्होंने आम आदमी पार्टी पर तंज कसते हुए कहा, “जो लोग दिल्ली को लंदन बनाने का दावा कर रहे थे, वे इसे शराब के ठेकों का शहर बना बैठे। उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों के बाहर शराब के ठेके खोले, यहां तक कि शीशमहल में भी मुख्यमंत्री ने दिल्ली के टैक्सपेयर्स के पैसे से बार बनवाया था।”

