Delhi News: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हाल ही में हुई भगदड़ के बाद भी हालात में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। स्टेशन पर अब भी भारी भीड़ देखी जा रही है और यात्री ट्रेनों पर चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की करने को मजबूर हैं। प्लेटफार्म पर अव्यवस्था का आलम यह है कि कई यात्री इमरजेंसी खिड़की से ट्रेन में घुसने की कोशिश कर रहे हैं।
हादसे के बावजूद कोई सबक नहीं लिया गया
एक रिपोर्ट के अनुसार, हादसे के अगले ही दिन, जब बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर 16 पर आई, तो यात्रियों के बीच फिर से अफरातफरी मच गई। लोग भारी-भरकम सामान अपने सिर पर उठाए ट्रेन में चढ़ने की जद्दोजहद करते नजर आए। कई यात्री इमरजेंसी खिड़की के जरिए अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे। यह वही इलाका है, जहां महाकुंभ जाने वाले यात्रियों की भीड़ के कारण शनिवार रात को भगदड़ मच गई थी, जिसमें 18 लोगों की जान चली गई थी।
कैसे हुआ हादसा?
शनिवार की रात महाकुंभ जाने के लिए हजारों यात्री नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे। रात 8 बजे से 9 बजे के बीच अचानक भीड़ बेकाबू हो गई, जिससे भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई, जिनमें कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ इतनी ज्यादा थी कि लोगों को सांस लेना तक मुश्किल हो रहा था। जैसे ही ट्रेन आई, यात्री घबराहट में एक-दूसरे को धक्का देने लगे और भगदड़ मच गई। जो लोग गिर गए, वे दोबारा उठ नहीं पाए। हालांकि, कुछ लोग घायलों की मदद करने की कोशिश भी कर रहे थे।
पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भी भारी भीड़
हादसे के बाद भी भीड़ कम नहीं हो रही है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की तरह पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भी अव्यवस्था बनी हुई है। प्लेटफार्म नंबर 11 और 12 पर जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। कुंभ स्पेशल ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्री प्लेटफार्म पर जमा थे, लेकिन ट्रेन के देरी से आने की सूचना के बावजूद भीड़ लगातार बढ़ती रही।
अधिकारियों की लापरवाही पर उठे सवाल
रेलवे प्रशासन और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इतनी बड़ी दुर्घटना के बावजूद भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त उपाय नहीं किए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर अब कड़े कदम उठाने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

