Delhi Liquor Policy Case: दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में आरोपी और पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया आज राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 19 जनवरी 2024 तक बढ़ा दी है। कोर्ट ने आज मनीष सिसोदिया के वकील को सीबीआई मुख्यालय जाकर दस्तावेजों का परीक्षण करने के लिए 15 दिनों का समय दे दिया है। कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया कि वो दस्तावेजों के परीक्षण के लिए पर्याप्त अफसरों की तैनाती करें।
बीमार पत्नी से मिलने की मिली थी इजाजत
अदालत ने 21 नवंबर को सुनवाई के दौरान दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के वकीलों से कहा था कि आप मामले के ट्रायल में देरी करना चाहते हैं। 10 नवंबर को कोर्ट ने सिसोदिया को अपनी बीमार पत्नी से मिलने की इजाजत दी थी। 30 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को जमानत देने से इनकार कर दिया था। 25 अप्रैल को सीबीआई ने इस मामले में दिल्ली में पूरक चार्जशीट दाखिल की थी। सीबीआई ने इस मामले में सिसोदिया को भी आरोपित बनाया था। पूरक चार्जशीट में सिसोदिया के अलावा जिन लोगों को आरोपित बनाया गया उनमें बुची बाबू, अर्जुन पांडेय और अमनदीप ढल हैं। बुची बाबू तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसी राव की बेटी के कविता के सीए रह चुके हैं।
26 फरवरी को सीबीआई ने किया था गिरफ्तार
बता दें कि पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को 26 फरवरी को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था. 25 नवंबर 2022 को सीबीआई ने अपनी पहली चार्जशीट दाखिल की थी. अदालत ने 15 दिसंबर, 2022 को पहली चार्जशीट पर संज्ञान लिया। अदालत ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 7ए और 8 के तहत आरोप तय किए थे। पहली चार्जशीट में नामित व्यक्तियों में कुलदीप सिंह, नरेंद्र सिंह, विजय नायर, अभिषेक बोइनापल्ली, अरुण रामचंद्र पिल्लई, मुथु गौतम और समीर महेंद्रू शामिल हैं।

