Delhi GRAP 3 Revoked: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति में सुधार होने के बाद ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण (ग्रैप-3) के तहत लगाई गई पाबंदियों को हटा लिया गया है। राजधानी में बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए इसे पहले लागू किया गया था। हालांकि, आज गुरुवार (23 जनवरी) को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया।
सीएक्यूएम के आदेश में लगातार सुधार का जिक्र
सीएक्यूएम (कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट) के आदेश के अनुसार, दिल्ली का एक्यूआई स्तर लगातार सुधार पर है। 17 जनवरी को एक्यूआई 289 (बहुत खराब) दर्ज किया गया, जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्टेज-III लागू करने के निर्देशानुसार बेंचमार्क से 61 अंक कम है। मौसम विभाग का कहना है कि अनुकूल मौसमी परिस्थितियों और तेज हवाओं की वजह से आने वाले दिनों में एक्यूआई ‘बहुत खराब’ श्रेणी के निचले स्तर पर रह सकता है।
ग्रैप-3 के तहत किन कार्यों पर थी पाबंदी?
ग्रैप-3 के लागू होने पर दिल्ली-एनसीआर में बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल वाहनों का इस्तेमाल प्रतिबंधित कर दिया गया था। साथ ही बिल्डिंग निर्माण, सड़क निर्माण और अन्य कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स पर भी पूरी तरह से रोक लगाई गई थी। हालांकि, एयरपोर्ट, अस्पताल, एलिवेटेड रोड और एसटीपी प्लांट जैसे अति आवश्यक प्रोजेक्ट्स को छूट दी गई थी।
सर्दियों में क्यों होता है GRAP लागू?
दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है। इसे नियंत्रित करने के लिए GRAP के तहत प्रतिबंध चार चरणों में लागू किए जाते हैं:
चरण-1: खराब (AQI 201-300)
चरण-2: बहुत खराब (AQI 301-400)
चरण-3: गंभीर (AQI 401-450)
चरण-4: गंभीर प्लस (AQI 450 से ऊपर)
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वायु प्रदूषण के कारण
सर्दियों के मौसम में प्रतिकूल मौसम संबंधी परिस्थितियां, वाहनों से निकलने वाला धुआं, पराली जलाना, पटाखे फोड़ना और अन्य स्थानीय प्रदूषण स्रोत वायु गुणवत्ता को खतरनाक बना देते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि दिल्ली की प्रदूषित हवा में सांस लेना रोजाना करीब 10 सिगरेट पीने के बराबर नुकसानदायक है।

