Delhi Budget 2025 : दिल्ली विधानसभा में मंगलवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भाजपा सरकार का पहला बजट पेश किया, जिसमें दिल्ली के विकास और भविष्य की दिशा को लेकर महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की गई। इस बजट में दिल्ली के लिए एक लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो कि राष्ट्रीय राजधानी के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है। बजट में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जोर दिया गया है।
प्रदूषण और पर्यावरण पर विशेष ध्यान
सीएम रेखा गुप्ता ने बजट में प्रदूषण और पर्यावरण के सुधार के लिए 506 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है। इसके साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण के लिए 300 करोड़ रुपये की राशि भी निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रदूषण मॉनिटरिंग सिस्टम को सशक्त किया जाएगा और ग्रीन कवर को बढ़ाया जाएगा। इस बजट में जलवायु परिवर्तन और वायु गुणवत्ता पर काम करने की प्रतिबद्धता भी जताई गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि दिल्ली सरकार पर्यावरणीय सुधार को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल कर रही है।
बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं का सुधार
सीएम गुप्ता ने कहा कि इस बजट में बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा, दिल्ली के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन है, और नई सरकार ऐतिहासिक जनादेश के आधार पर काम करेगी। मुख्यमंत्री ने यमुना नदी की सफाई और जल बोर्ड के सुधार की बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्लीवासियों से साफ यमुना का वादा किया था, जिसे उनकी सरकार पूरा करेगी। इसके अलावा, दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने और लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
जनता की भागीदारी और पिछली सरकार की नाकामियां
सीएम रेखा गुप्ता (Delhi Budget 2025) ने बजट के दौरान बताया कि इस बार के बजट में दिल्ली सरकार ने जनता से सुझाव मांगे थे, और 10,000 से ज्यादा सुझाव ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि बीते 10 वर्षों में दिल्ली का विकास पिछड़ा है, चाहे वह यमुना की सफाई हो, स्वास्थ्य सेवाएं हो, या वायु प्रदूषण का मुद्दा हो, पिछली सरकार ने इन मुद्दों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकार की नीतियों की वजह से जनता परेशान रही और विकास के हर पहलू में पिछड़ गई।
मुख्यमंत्री (Delhi Budget 2025) ने यह भी कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में दिल्ली में सड़कें क्षतिग्रस्त थीं, यमुना गंदी थी, वायु प्रदूषण बढ़ रहा था, और नागरिकों को गंदे पानी और ओवरफ्लो सीवेज की समस्या से जूझना पड़ता था। इसके अलावा, दिल्ली जल बोर्ड और डीटीसी घाटे में थे, जिससे दिल्लीवासियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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