Delhi News: दिल्ली में एक महिला से शादी का वादा कर 70 हजार रुपए की ठगी करने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हैरानी की बात ये है कि वो खुद को पैरा कमांडो बताता था, लेफ्टिनेंट की वर्दी पहनता था, लेकिन असलियत में उसका सेना से कोई लेना-देना नहीं निकला।
फर्जी आईडी और झूठ की कहानी
पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान दीपांशु के रूप में हुई है, जो यूपी के कानपुर का रहने वाला है। वो लोगों को यह कहकर धोखा देता था कि वो भारतीय सेना की पैरा कमांडो फोर्स में लेफ्टिनेंट है। उसके पास से पुलिस ने सेना की वर्दी, फर्जी आर्मी आईडी कार्ड, एनडीए का नकली नियुक्ति पत्र और दूसरे कई जाली कागज़ भी बरामद किए हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि दीपांशु ने सिर्फ उस महिला से ही नहीं, बल्कि अपने मां-बाप से भी झूठ बोला था कि वो एनडीए में सिलेक्ट हो गया है और ट्रेनिंग के लिए जा रहा है।
यहीं से शुरू हुआ धोखे का खेल
दिल्ली के फर्श बाजार इलाके की रहने वाली 28 साल की दामिनी नाम की महिला ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। दामिनी नोएडा में मेडिकल स्टोर चलाती हैं। उन्होंने बताया कि कुछ वक्त पहले एक शादी समारोह में रिश्तेदार के जरिए उनकी मुलाकात दीपांशु से हुई थी।
दीपांशु ने खुद को आर्मी का अधिकारी बताया और धीरे-धीरे उनसे मेलजोल बढ़ा लिया। कई बार सेना की वर्दी पहनकर मिलने भी आया। भरोसा जीतने के बाद उसने पैसों की मांग शुरू की। कभी किसी बहाने से, तो कभी किसी मजबूरी का हवाला देकर। दामिनी ने धीरे-धीरे कर के उसे करीब 70,000 रुपये दे दिए कुछ कैश में, तो कुछ ऑनलाइन।
शक हुआ तो महिला ने बुला ली पुलिस
धीरे-धीरे दामिनी को दीपांशु की बातों पर शक होने लगा। फिर 1 सितंबर को जब वह उससे मिलने आया, तो उन्होंने फौरन पीसीआर कॉल कर पुलिस को बुला लिया। फर्श बाजार पुलिस मौके पर पहुंची और दीपांशु को हिरासत में लिया।
पूछताछ में दीपांशु की सारी सच्चाई सामने आ गई। उसने कबूल किया कि उसका सेना से कोई लेना-देना नहीं है। उसने एनडीए की परीक्षा दी जरूर थी, लेकिन पास नहीं हो पाया। यह बात वह अपने मां-बाप को बताने से डरता था। इसलिए उसने एक झूठी कहानी गढ़ ली।
माता-पिता को भी दिखाया था फर्जी सिलेक्शन लेटर
दीपांशु ने एनडीए पासआउट उम्मीदवारों की सूची ऑनलाइन देखी, जिसमें उसी नाम का एक और युवक था। उसने उसी का स्क्रीनशॉट लेकर अपने माता-पिता को दिखाया और कहा कि उसका सिलेक्शन हो गया है। फिर घरवालों से कह दिया कि वो एनडीए खड़कवासला ट्रेनिंग के लिए जा रहा है, जबकि असल में वह कानपुर में ही रहकर छोटे-मोटे काम करता रहा।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दीपांशु के माता-पिता को अब तक इस पूरे झूठ की खबर तक नहीं थी।
पुलिस ने क्या कहा?
शाहदरा के पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम ने बताया कि फर्श बाजार थाने की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से सेना की वर्दी, फर्जी आईडी कार्ड और दस्तावेज बरामद किए गए हैं। अब उससे पूछताछ की जा रही है कि उसने और कितने लोगों को इस तरह ठगा है।
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