कानपुर के करौली बाबा को लेकर जब पुलिस ने सवाल पूछे तो बाबा ने तो जैसे मुंह के अंदर दही सा जमा लिया। पुलिस ने बाबा के आश्रम की जांच भी की लेकिन वो फुटेज हाथ नहीं लगा पाई जिसमें डॉक्टर को बाबा के बाउंसरों ने पीटा था। जिनकी बुनियाद पर बाबा के खिलाफ कायदे से एक्शन लिया जा सके।
देश में आज के बाबाओं का वर्चस्व बाहुबली से कम नहीं है। भक्त अपने दुख का हल लेने के लिए आस्था के साथ जाते हैं लेकिन बदले में उनके साथ मारपीट कर दी जाती है। नोएडा के एक डॉक्टर ने करौली वाले बाबा का असली चेहरा लोंगो के सामने लाने के लिए पब्लिक के बीच चैलेंज किया लेकिन जब बाबा चमत्कार दिखाने में फेल हो गए तो बाबा ने बाउंसरो के हाथ डॉक्टर को पिटवा दिया। जिसके बाद पुलिस की एंट्री इस केस में हो गई लेकिन वो कहते हैं ना अपने इलाके में तो इंसान शोर होता है ठीक ऐसा ही यहां हुआ पुलिस पूछताछ करने के लिए बाबा के आश्रम तो गए लेकिन उन्हें वहां से खाली हाथ लौटना पड़ा।
लेकिन वो कहते हैं ना वो पुलिस ही क्या जो बिना नाक में दम किए हाथ पर हाथ धरी बैठी रहे। भले ही उन्हें आश्रम से खाली हाथ लौटना पड़ा लेकिन पुलिस ने आश्रम को लिखित रूप में ये कहने को बोला है कि सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग नहीं है। आज के समय में बाबाओं के चमत्कार के पीछे काली सच्चाई छिपी हुई है ये तो आप जानते ही हैं हमारे देश में आसाराम और राम रहीम के उदाहरण के तौर पर तो पुलिस भी इस खोज में लगी हुई है कि करौली आश्रम का असली सच क्या है?
14 एकड़ में फैला यह आश्रम अपने आप में शहर है। यहां हर दिन 3500 से 5000 तक लोग आते हैं। अमावस्या वाले दिन तादाद 20 हजार। करौली बाबा संतोष सिंह भदौरिया ने तीन साल में करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर लिया। आश्रम के लोग बताते हैं कि 17 देशों में बाबा के भक्त हैं। पैसे-रुपए का का लेन-देन बाबा के बेटे लव और कुश मैनेज करते हैं। आश्रम में चारों तरफ गनर खड़े रहते हैं। आश्रम में जैमर लगने होने की खबर है। यानी तीन सालों में बाबा ने एक ऐसा साम्राज्य खड़ा कर लिया है, जहां सारी सुख-सुविधा के साथ भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

