तीन साल कोरोना ने देश में आतंक मचाया ये आज तक कोई भूल नहीं पाया, लाखों-करोड़ो लोंगो की नौकरियां चली गईं थी, अपनों ने अपनी आंखों के सामने मौत होते हुए देखा लेकिन समय के साथ चीज़े और हालात बदले और लोग अपनी नॉरमल लाइफ में वापस लौटन लगे थे लेकिन कोरोना ने एक बार फिर देश में अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। लगातार केसों में इजाफा देश के लिए फिर संकट बनता जा रहा है, कई राज्यों में कोरोना की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। राजधानी दिल्ली में कोरोना की संक्रमण दर 32 फीसदी के पार चली गई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक, बीते 24 घंटे में देशभर में कोरोना के 7,633 नए मामले सामने आए हैं। 11 मरीजों की मौत भी हुई है, पॉजिटिविटी रेट भी 3.62 फीसदी पहुंच गया है। कोरोना से जो राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित है वो है केरल 1,528 कोरोना का मामले दर्ज किए गए हैं। दूसरे नंबर पर दिल्ली है जहां 1,017 मामले सामने आए हैं।
हरियाणा में 898, तमिलनाडु में 521 और महाराष्ट्र में 505 मरीजों की पहचान हुई है। यानी, 24 घंटे में देशभर में जितने मामले सामने आए हैं, उनमें से 58 फीसदी से ज्यादा कोरोना के मामले इन पांच राज्यों से सामने आएं हैं। इसके साथ ही एक्टिव केसेस की संख्या भी बढ़कर 61,200 के पार चली गई है।
हर वायरस म्यूटेट होता है। म्यूटेशन के कारण ही इसके नए-नए वैरिएंट सामने आते हैं। अभी भारत में कोरोना के जो मामले बढ़ रहे हैं, उसके लिए ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट XBB.1.16 को जिम्मेदार माना जा रहा है. XBB.1.16.1 सब-वैरिएंट XBB.1.16 का ही म्यूटेटेड वर्जन है।
अभी तक फिलहाल इस बात के सबूत नहीं मिले हैं कि XBB.1.16.1 ज्यादा गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है या नहीं। अगर आप पहले कोविड से संक्रमित हुए हैं या वैक्सीनेटेड हैं तब भी आप इस सब-वैरिएंट से संक्रमित हो सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि भले ही अभी घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानियां बरती जानी चाहिए, उनका मानना है कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की जरूरत है। इसके अलावा अगर आपने अभी तक कोविड वैक्सीन की बूस्टर डोज नहीं ली है तो वो भी लगवा लेने की सलाह दी है और भीड़ भाड़ वाले इलाके में फेस मास्क भी पहनकर रखना है।

