एक बार फिर कोरोना ने देश में पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। आम आदमी के साथ साथ खास शख्सियतें भी अब कोरोना की चपेट में आने लगीं हैं। सीएम योगी की कैबिनेट के मंत्री सूर्य प्रताप शाही (Surya Pratap Shahi) कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) पाए गए हैं। बीते कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। स्वास्थ्य गड़बड़ होने के बाद उनका कोविड टेस्ट (Covid Test) कराया गया। जिसके बाद मंगलवार को मंत्री की कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव (Covid Report) आई है।
मंगलवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कोरोना संक्रमित हो गए इस बात की जानकारी उन्होनें खुद ट्विटर पर दी और कहा कि देश में एक बार फिर कोरोना ने एंट्री मार ली है फिर से एक बार केसों में आए दिन उछाल देखने को मिल रहा है मैं स्वयं भी हल्के लक्षणों के साथ कोविड से संक्रमित हो गया हूं। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अगले कुछ दिन निवास से ही कार्य जारी रखूंगा। आप सब सावधानी बरतें एवं कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें।
बता दें कि इसके अलावा प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी कोरोना संक्रमित पाई गयी उन्होंने भी ट्विट कर खुद जानकारी देते हुए कहा कि कोविड की जांच में मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। चिकित्सकों की सलाह पर मैं पूर्ण रूप से आइसोलेशन में हूं। जो लोग मेरे संपर्क में रहे, वे अपनी जांच करवाएं और सावधानी बरतें। नेताओं के कोरोना संक्रमित पाए जाने पर अब उनसे मिलने वाले नेताओं की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन के लिए खतरे की घंटी बज गई है।
तीन साल पहले भी कोरोना की दस्तक धीरे धीरे शुरू हुई थी उसके बाद भयावह स्थिति देश में पैदा हो गई थी और अब फिर कोरोना ने आम लोग और खास लोंगो में डर पैदा करना शुरू कर दिया है। अमूमन पूरे भारत में रोजाना 100-200 तक रहने वाले ये केस 3-4 हजार रोजाना पहुंच गए हैं। माना जा रहा है कि जनवरी 2022 में तीसरी लहर के बाद ये कोविड केस की सबसे तेज और खतरनाक लहर है।
डॉक्टर्स भी इस ट्रेंड को लेकर चिंता में हैं और प्रशासन ने भी सावधान और सुरक्षित रहने के लिए लोंगो से अपील की है कि वो पुराने प्रोटोकॉल मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग करें। वो कहते हैं ना एक चूक और किए कराए पर पानी फिर जाता है ठीक ऐसा ही कोरोना महामारी को लेकर इन दिनों बढ़ते मामले देश के लिए खतरे की घंटी बनकर सामने आ रहें हैं।
जैसे “आइसक्रीम के अलग अलग फ्लेवर होते हैं ठीक वैसे ही कोरोना भी नए नए फ्लेवर यानि नए नए वैरिएंट” के साथ एक बार फिर देश पर अटैक कर रहा है। कहा जा रहा है कि कोरोना के नए नए वैरिएंट के आगे वैक्सीन भी फेल है और तेजी से लोंगो को अपना शिकार बना सकता है। कोरोना के ये नए वैरिएंट उन लोंगो के लिए ज्यादा जोखिम हो सकता है जो पहले से किसी बीमारी से जूझ रहें हैं।
डॉक्टर्स का कहना है मौसम तेजी से बदल रहा है तो ऐसे में बच्चों को खास सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि फ्लू भी फैल रहा है। वहीं केंद्र सरकार की इन छह राज्यों पर खास नजर हैं जिनमें महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक शामिल हैं।
महाराष्ट्र में कोरोना के मामले बढ़ने के दो-तीन सप्ताह के बाद दिल्ली में भी केस बढ़ने शुरू हो जाते हैं। मेट्रोपॉलिटन का पैटर्न एक जैसा होता है। जिस तरह से मुंबई में अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स ज्यादा आती हैं, उसी तरह दिल्ली में भी अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स का आना-जाना बहुत अधिक होता है। ऐसे में इन छह राज्यों में स्वास्थ्य विभाग खास निगरनी रखे हुए है अस्पताल प्रशासन को पूरी मुस्तैदी के साथ तैयारियों को बरकरार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

