देश में कोरोना के बढ़ते मामले एक बार फिर संकट का विषय बनते जा रहें हैं। तीन साल पहले कोरोना ने देश में अपना कहर बरपाया ये कोई भूल नहीं पाया है, जैसे तैसे लोग अपनी नॉर्मल लाइफ में लौट पा रहे थे लेकिन एक बार फिर कोरोना का अटैक परेशानी बनता जा रहा है। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 10,542 नए केस सामने आए हैं। हालांकि बीते दिन 7,633 कोरोना केस सामने आए थे जो कि फिर भी कम थे लेकिन बुधवार को कोरोना के केस में फिर इज़ाफा देखा गया जो कि संकट का विषय बन गया है प्रशासन के लिए, हेल्थ मिनिस्ट्री के लिए, डॉक्टर्स के लिए और लोंगो के लिए।
कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए प्रशासन, हेल्थ मिनिस्ट्री और डॉक्टर्स ने चेतावनी देते हुए कोरोना के पुराने प्रोटोकॉल मास्क, हैंड सैनिटाइजर और भीड़-भाड़ वाले इलाके में सावधान रहने को कहा है। कोरोना का डेली पॉजिटिविटी रेट 4.39 फीसदी है। जबकि साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट 5.14 तक पहुंच चुका है। वहीं बात की जाए एक्टिव मामलों की तो 63,562 कोरोना के केस सामने आ गए हैं।
बात करें कोरोना से ठीक होने की दर की तो 98.67% फीसदी है। पिछले 24 घंटों में 8,175 लोग ठीक हुए हैं, जिसके बाद कोरोना से कुल ठीक होने वालों की संख्या बढ़कर 4,42,50,649 तक पहुंच गई। बीते 24 घंटों में कोरोना की 487 डोज दी गई। जानकारी के मुताबिक पिछले 24 घंटों में 2,40,014 टेस्ट किए गए।
कोरोना से जो राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित है वो है केरल, दिल्ली, हरियाणा, तमिलनाडु, महाराष्ट्र। हर वायरस म्यूटेट होता है। म्यूटेशन के कारण ही इसके नए-नए वैरिएंट सामने आते हैं। अभी भारत में कोरोना के जो मामले बढ़ रहे हैं, उसके लिए ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट XBB.1.16 को जिम्मेदार माना जा रहा है. XBB.1.16.1 सब-वैरिएंट XBB.1.16 का ही म्यूटेटेड वर्जन है।
अभी तक फिलहाल इस बात के सबूत नहीं मिले हैं कि XBB.1.16.1 ज्यादा गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है या नहीं। अगर आप पहले कोविड से संक्रमित हुए हैं या वैक्सीनेटेड हैं तब भी आप इस सब-वैरिएंट से संक्रमित हो सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि भले ही अभी घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानियां बरती जानी चाहिए, उनका मानना है कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की जरूरत है। इसके अलावा अगर आपने अभी तक कोविड वैक्सीन की बूस्टर डोज नहीं ली है तो वो भी लगवा लेने की सलाह दी है और भीड़ भाड़ वाले इलाके में फेस मास्क भी पहनकर रखना है।

