देशभर में कोरोना के केसों में एक बार इजाफा देखने को मिल रहा है। तीन साल के बाद लोग जहां अपनी लाइफ को नॉर्मल कर रहे थे लेकिन एक बार फिर कोविड ने देश में दस्तक दे दी है और आम लोंगो के लिए एक बार फिर बढ़ते केस चिंता का विषय बन रहें हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार (14 अप्रैल) को जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में बीते 24 घंटों में कोरोना के 11 हजार 109 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इसी के साथ कोरोना के एक्टिव मामलों की संख्या 49 हजार के पार पहुंच गई है।
कोरोना के मामलों में कुछ दिनों से काफी तेजी आ रही है। भारत के इन राज्यों में कोरोना की स्थिति काफी चिंताजनक है, केरल, महाराष्ट्र, दिल्ली और गुजरात में कोरोना के केसों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। दिल्ली में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन की बूस्टर डोज लगवाने की सलाह दी गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर बैठक भी की थी और सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के अलर्ट मोड पर रहने की सलाह दी थी।
वो कहते हैं ना एक चूक और किए कराए पर पानी फिर जाता है ठीक ऐसा ही कोरोना महामारी को लेकर इन दिनों बढ़ते मामले देश के लिए खतरे की घंटी बनकर सामने आ रहें हैं। जैसे “आइसक्रीम के अलग अलग फ्लेवर होते हैं ठीक वैसे ही कोरोना भी नए नए फ्लेवर यानि नए नए वैरिएंट” के साथ एक बार फिर देश पर अटैक कर रहा है। कहा जा रहा है कि कोरोना के नए नए वैरिएंट के आगे वैक्सीन भी फेल है और तेजी से लोंगो को अपना शिकार बना सकता है।
कोरोना का नया वैरिएंट XBB.1.16 XBB.1.5 से अधिक तेजी से फैल सकता है। यह XBB.1.5 की तुलना में कहीं अधिक आक्रामक है। हालांकि, कोरोना के नए वैरिएंट के लक्षण पहले की तरह ही हैं। हालांकि सरकार ने कहा है कि पैनिक होने की जरूरत नहीं है, कोरोना का नया वैरिएंट उतना खतरनाक नहीं है। इस सबके बीच एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगले 10-12 दिन अहम होने वाले हैं. कारण, इस अंतराल में कोविड के मामलों में लगातार उछाल देखने को मिलेगा. हालांकि इसके बाद आंकड़ों में गिरावट दर्ज की जाएगी।
कोरोना के ये नए वैरिएंट उन लोंगो के लिए ज्यादा जोखिम हो सकता है जो पहले से किसी बीमारी से जूझ रहें हैं। डॉक्टर्स का कहना है मौसम तेजी से बदल रहा है तो ऐसे में बच्चों को खास सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि फ्लू भी फैल रहा है।

