कर्नाटक विधानसभा चुनाव के रूझानों में कांग्रेस 129 सीटों पर आगे चल रही है। बीजेपी 66 सीटों पर आगे है। जेडीएस 22 सीटों और अन्य 7 सीटों पर है। रूझानों के आंकड़ो के आते ही जीत देख कांग्रेस कर्नाटक अध्यक्ष डीके शिवकुमार भावुक हो गए. उन्होंने कहा, ये अखंड कर्नाटक की जीत है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने हमेशा हमारा साथ दिया। सिद्धारमैया समेत सभी कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद।
कर्नाटक की बीजेपी केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा, लोकतंत्र में हार-जीत बड़ी बात नहीं है। हमने अपनी हार स्वीकार की है. हम विपक्ष के नाते लड़ेंगे और हमारा लक्ष्य है कि 2024 में लोकसभा चुनाव में हम सारी सीटें जीतें।
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का फायदा कांग्रेस पार्टी को कर्नाटक में फायदा मिलता हुआ दिख रहा है ना जा रहा है कि राहुल गांधी आज शाम को कांग्रेस दफ्तर पहुंच सकते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष जयराम रमेश ने ट्वीट कर कहा, जैसे-जैसे कर्नाटक चुनाव का परिणाम अंतिम रूप ले रहा है, वैसे-वैसे स्पष्ट होता जा रहा है कि कांग्रेस जीत गई है और प्रधानमंत्री हार गए हैं। बीजेपी ने अपने चुनाव अभियान को पीएम और राज्य को उनका ‘आशीर्वाद’ मिलने को लेकर जनमत संग्रह बना लिया था। इसे स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया गया है!
जयराम रमेश ने कहा, कांग्रेस पार्टी ने यह चुनाव आजीविका और खाद्य सुरक्षा, महंगाई, किसान संकट, बिजली आपूर्ति, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के स्थानीय मुद्दों पर लड़ा। प्रधानमंत्री ने विभाजनकारी रणनीति अपनाई और ध्रुवीकरण का प्रयास किया। कर्नाटक ने बेंगलुरु में एक इंजन के लिए वोट किया है, जो आर्थिक विकास को सामाजिक सद्भाव के साथ जोड़ेगा।अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए ट्विट करते हुए लिखा बीजेपी का अंतकाल शुरू हो चुका है।
कर्नाटक का संदेश ये है कि भाजपा की नकारात्मक, सांप्रदायिक, भ्रष्टाचारी, अमीरोन्मुखी, महिला-युवा विरोधी, सामाजिक-बँटवारे, झूठे प्रचारवाली, व्यक्तिवादी राजनीति का ‘अंतकाल’ शुरू हो गया है।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 13, 2023
ये नये सकारात्मक भारत का महंगाई, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार व वैमनस्य के ख़िलाफ़ सख़्त जनादेश…

