उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नगर विकास विभाग के 8,731 करोड़ की 2,029 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर पुस्तकों का भी लोकार्पण किया गया। यह कार्यक्रम विशाखा सभागार, नगर विकास निदेशालय, गोमतीनगर में रखा गया था। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में 17 लाख से भी अधिक गरीबों को आवास उपलब्ध कराया गया है। यहां 15 करोड़ लोगों को फ्री में राशन सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। आज हमारे नगर केवल नगर नहीं है। देश के अंदर प्रधानमंत्री ने 100 शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा था। उनमें दस शहर उप्र से हैं।
उत्तर प्रदेश का नगर विकास नंबर एक पर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश के अंदर सबसे ज्यादा नगर निकाय रखने वाला राज्य है। इसमें लगभग सात करोड़ की आबादी निवास करती है। देश के अंदर सिर्फ चार-पांच राज्यों की आबादी सात करोड़ है। गिनती में देश हैं, जिनकी आबादी सात करोड़ हैं। यहां चार करोड़ 32 लाख सिर्फ मतदाता हैं। इतना कई देशों की आबादी नहीं है। इन सबके जीवन में परिवर्तन करना, उनके जीवन में खुशहाली लाने का प्रयास प्रारम्भ हुआ है।
उन्होंने कहा कि नगरीय जीवन में परिवर्तन लाने के अनेक काम किये जा रहे हैं। इसी कारण उप्र का नगर विकास नंबर एक पर आया है। सर्विस प्रोवाइडर को अलग से पैसा दे रहे हैं तो वह किसी सफाई कर्मी के मानदेय से पैसा नहीं काटेगा। इसकी हम व्यवस्था करने जा रहे हैं। सफाई कर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था करने जा रहे हैं। जब हम इतनी योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने आये हैं तो यह बता दें कि 60 शहर हमारे अमृत योजना से आच्छादित हैं। इसके साथ ही अन्य योजनाएं भी साथ-साथ चल रही हैं। आगे हम 100 ऐसे शहरों का चयन करेंगे, जिन्हें हम आकांक्षात्मक शहर के रूप में विकसित कर सकें। दुनिया की सुविधाएं वहां दे सकें।

