नई दिल्ली। पुलिस की पिटाई के बाद दम तोड़ने वाले कानपुर के व्यापारी का मामला प्रदेश सरकार के सामने लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। बवाल बढ़ा तो पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, रामपाल यादव से लेकर खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक ने मृतक व्यापारी की पत्नी से मुलाकात करने पहुंच गए। हालांकि मृतक की पत्नी मीनाक्षी ने अखिलेश यादव से मुलाकात से साफ इंकार करते हुए अपने पति की मौत का राजनीतिकरण होने से रोक दिया। वहीं योगी से मुलाकात के बाद उन्हें अभिभावक और बड़े भाई की तरह बताते हुए सारे मामले में प्रदेश सरकार के सामने अपनी तीन मांगे रखी जिन्हें सीएम योगी ने फौरन स्वीकार कर लिया।
कानपुर के डीएवी ग्राउंड में योगी ने की मुलाकात
कानपुर जनपद में डीएवी ग्राउंड जनसभा के दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस लाइन में गोरखपुर कांड की पीड़ित मीनाक्षी से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित को शोक संवेदना व्यक्त करते हुए ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री के सामने पीड़ित ने नौकरी, मुआवजा बढ़ाने, जांच कानपुर ट्रांसफर करने व सीबीआई से जांच कराने की मांगे रखी। मुख्यमंत्री ने पीड़ित को हर स्तर पर न्याय का भरोसा दिलाया और उनकी मांगों को पूरा किए जाने की आश्वासन दिया।
मृतक की पत्नी की चारों मांगें मानी
गोविन्द नगर विधानसभा विधायक सुरैन्द्र मैथानी ने मुख्यमंत्री से पीड़ित की मुलाकात के बारे में मीडिया को ब्रीफिंग दी। मैथानी ने बताया कि मृतक की पत्नी ने प्रदेश सरकार के सामने चार मांगे रखी थी। मुख्यमंत्री ने पीड़ित की मुआवजा राशि को दस लाख रुपए से बढ़ाकर देने और घटना में हत्या का मुकदमा गोरखपुर से ट्रांसफर कर कानपुर में जांच कराने के भी निर्देश दिए। इसके साथ ही केडीए में ओएसडी के पद पर नियुक्त करने के निर्देश देते हुए जिला प्रशासन को आवश्यक कार्यवाही को कहा। वहीं घटना की जांच सीबीआई से करवाएं जाने के लिए विधायक को लिखकर दिए जाने के निर्देश दिए।
किसी दोषी को बख्शा ना जाए, बस..
विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी मांगे मान ली हैं और किसी भी दोषी को ना बख्शने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि मीनाक्षी मुख्यमंत्री के इस कदम के बाद अब संतुष्ट हैं। अब वो अपने पति की मौत पर किसी तरह की राजनीति नहीं चाहती हैं।

