उत्तर प्रदेश के नगर निकाय चुनाव जितने के लिए भाजपा ने अपना पूरा दमखम लगा दिया है। भाजपा इसे आगामी लोकसभा चुनाव के सेमी फाइनल के तौर पर देख रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब पार्टी का चुनाव प्रचार अपने हांथो में ले लिया है। मुख्यमंत्री योगी ने आज सोमवार को सहारनपुर में पहली जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने निकायों में भाजपा को जिताने की अपील की, तो विपक्ष पर निशाना भी साधे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का सीमांत जनपद अपनी समृद्ध इतिहास के लिए जाना जाता है। युवा, व्यापारी, उद्यमी, किसान का जनपद सहारनपुर है। मैं यहां बार-बार आता रहा हूं। मैंने सहारनपुर को नजदीक से देखा है। बिजली नहीं आती थी। दंगे होते थे। कनेक्टिविटी नहीं थी। लखनऊ की दूरी तय करने में आठ से 10 घंटे लगते थे। आज सहारनपुर विकास की चमक से चमकता है। दिल्ली और देहरादून अब यहां से दूर नहीं है।
मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि पहले डिग्री के लिए युवाओं को मेरठ जाना पड़ता था। अब युवाओं को यहां ही मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय से डिग्री मिलेगी। जीवन भर डिग्री पर मां शाकुम्भरी की फोटो उसके सफलता को आशीर्वाद देती रहेगी। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले सहारनपुर उपेक्षित रहता था क्योंकि यहां दंगे करवाए जाते थे। सिख भाइयों को दंगों की आग में झोंका जाता था। पहले शोहदों का आतंक था। बेटियां दूर पढ़ने जाती थीं। आज उत्तर प्रदेश में भयमुक्त वातावरण बना है।
प्रधानमंत्री का विजन, यूपी का है मिशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां चाह वहां राह, रास्ते खुद बनते जाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने जो कहा, यहां मिला। पहले तो आम जन मानस को वंचित रखा जाता था। आपको तय करना होगा कि युवाओं के हाथ में तमंचे चाहिए या टैबलेट और स्मार्टफोन। गलियों में अपराधियों की गोलियों की तड़तडाहट चाहिए या शहरों की गलियों में भजन गंगा का प्रवाह, रंगदारी वसूली करने वाले गुंडे चाहिए या गरीबों, स्ट्रीट वेंडरों को स्वनिधि देने वाली व्यवस्था, हमें शोहदों का आतंक चाहिए या सेफ सिटी।
उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता स्मार्ट सिटी सेफ सिटी होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश में न कर्फ्यू न दंगा, अब उत्तर प्रदेश में सब ओर चंगा। अब उत्तर प्रदेश में रंगदारी और फिरौती नहीं है। माफिया-अपराधी अतीत हो गए हैं। अब उत्तर प्रदेश सुरक्षा, खुशहाली और रोजगार का प्रतीक बन गया है। अब उपद्रव नहीं उत्सव हमारी पहचान है। अब माफिया नहीं, महोत्सव हमारी पहचान है।

