जंतर मंतर पर पहलवानों का धरना प्रदर्शन जारी हैं,ये पूरा प्रदर्शन कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और बीजेपी के सांसद बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ था दरअसल साक्षी मलिक,विनेश फोगाट, और बजरंग पुनिया समेत पहलवानों ने बृज भूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न,गाली गलौच आदि का आरोप लगाया था |
क्या हैं पूरा मामला
आपको बता दें की करीब दो दिन पहले ही पहलवानों और पुलिस के बीच एक झड़प भी हुई थी जिसका कारण विनेश फोगाट ने बताया की धरने वाली जगह पर पानी भर जाने की वजह से उन्हें चारपाई की ज़रूरत थी लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी बजाय इसके पहलवानों ने उनके साथ मारपीट,धक्का-मुक्की और गाली गलौच करने का भी आरोप लगाया है. इस दौरान एक पहलवान के चोटिल होने की भी खबरें सामने आई थी |
कोर्ट का फैसला
जिस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि हम यह मामला यहां बंद कर रहे हैं. अगर आगे कोई शिकायत हो तो उसे मजिस्ट्रेट या हाई कोर्ट के सामने रखा जा सकता है |
आखिर क्या कहा बृज भूषण शरण सिंह ने
भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और बीजेपी के सांसद बृज भूषण शरण सिंह गुरुवार को लाव लश्कर के साथ अयोध्या पहुंचे बृज भूषण शरण सिंह अयोध्या में लगभग दिनभर अलग-अलग मंदिरों में दर्शन पूजन करते रहे उसी दौरान मीडिया कर्मियों से बात करते हुए ,धरने पर बैठे कुश्ती खिलाड़ियों को लेकर उन्होंने कहा जिसका जो स्वभाव है वह उसी तरह आचरण करता है. मेरा स्वभाव मानव कल्याण का है,समाज कल्याण का है,बच्चों के भविष्य को सुधारने का है. उन्होंने कहा कि मुझे किसी से द्वेष नहीं है मुझे कोर्ट पर भरोसा है साथ ही कोर्ट ने जो निर्णय दिया है उसके लिए धन्यवाद” बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या के अपने कार्यक्रम को लेकर कहा कि यह पहले से तय था. औरबताया कि मैं अपने गुरु भाई महंत ज्ञान दास का आशीर्वाद लेने आया था. आप सब लोग जानते हैं अयोध्या में मेरा बचपन बीता है हनुमान जी में मेरी बहुत आस्था है,इस दौरान बृज भूषण शरण सिंह ने श्लोक पढ़ा क्षमा बड़न को चाहिए छोटन को उत्पात का रहीम प्रभु क्या घटो जो भृग मारी लात |
बृज भूषण शरण सिंह के चेहरे पर राहत
हालांकि सुप्रीम कोर्ट से आये फैसले से राहत मिलने के बाद बृज भूषण शरण सिंह और उनके शुभचिंतकों के चेहरे पर राहत दिख रही थी.आपको बता दें बृज भूषण शरण सिंह अयोध्या के हनुमानगढ़ी भी पहुंचे जंहा उन्होंने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष महंत ज्ञान दास का आशीर्वाद लिया. महंत ज्ञान दास उनसे बात करते हुए रोने लगे और कहा कि सब हनुमान लला की कृपा है. इस पर बृजभूषण शरण सिंह ने साफ कहा “बड़ों का काम क्षमा का होता है और छोटो का उत्पात करने का. मैं अपना काम करता रहूंगा, जिसको जो करना हो करें |

