उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाग अब बीजेपी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए बड़ा कर दिया है। जहां यूपी में बीजेपी ने निकाय चुनाव में जबरद्सत प्रदर्शन करते हुए सभी 17 सीटें जीत लीं वहीं दूसरी तरफ कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा जिसके बाद अब बीजेपी अपनी कमियों को ठीक करने के काम में जुट गई है।
बता दें कि नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने के लिए जहां बीजेपी तैयारी कर रही है तो वहीं कहीं ना कहीं यूपी के सीएम योगी आदित्यानाथ के कंधों पर भी ये जिम्मेदारी है कि जिस तरह उन्होंने यूपी निकाय चुनाव में धूंआधार प्रचार किया उसका फायदा बीजेपी को आने वाले में समय भी मिल सके।
बता दें कि उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटें हैं, जो देश में सबसे ज्यादा है और इसीलिए बीजेपी ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए मिशन 80 का लक्ष्य रखा है। निकाय चुनाव के नतीजों से बीजेपी इतनी उत्साहित है कि अब साफ तौर पर पार्टी के नेता और सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि लोकसभा चुनाव में सभी विपक्षी दलों का सूपड़ा साफ होगा, पार्टी 80 की 80 सीटों पर जीत हासिल करेगी।
राजनीतिक जानकारों को मानना है कि बीजेपी को यूपी में लगातार कामयाबी मिलती जा रही है, जिसका बड़ा फायदा भाजपा को 24 के लोकसभा चुनाव में हो सकता है, जिसके बाद अब बीजेपी संगठन अपनी तैयारी में जुट गया है। तो वहीं नरेंद्र मोदी को अगर तीसरी बार पीएम की कुर्सी दिलाने में सबसे बड़ी भूमिका अगर किसी की होने वाली है तो वो है यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की कहा जाता है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में जो बीजेपी को जीत मिली, उसमें भी सीएम योगी के चहरे पर ही जनता ने वोट दिए थे उसके बाद जो भी उपचुनाव हुए चाहे लोकसभा के हो या फिर विधानसभा उनमें एक-दो सीट को छोड़कर ज्यादातर में बीजेपी को जीत हासिल हुई।
इसके अलावा राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यूपी की जनता ने कहीं न कहीं सीएम योगी और उनकी सरकार के कामकाज-कानून व्यवस्था के मुद्दे पर वोट किया फिर जो निकाय चुनाव हुआ, उसमें भी सीएम ने एक तरफ जहां धुआंधार प्रचार किया तो वहीं सरकार की उपलब्धियों को आम लोगों तक पहुंचाया. उसी का असर यह रहा कि बीजेपी 17 नगर निगमों में जीतने में कामयाब रही।
आपको बता दें 30 मई को बीजेपी का महासंपर्क अभियान शुरू होने जा रहा है। दरअसल बीजेपी ने 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। यही वजह है कि 30 मई से लेकर 30 जून तक पूरे प्रदेश में महासंपर्क अभियान चलाया जाएगा, जिसमें लोकसभा के सांसद वोटर से संपर्क करेंगे और संवाद करेंगे और मोदी सरकार के 9 साल की जो उपलब्धियां हैं उन्हें लोगों को बताया जाएगा। इसमें बीजेपी का खास फोकस उस लाभार्थी वोट बैंक पर भी है, जिसे तमाम योजनाओं का फायदा मिल रहा है।
वहीं ये भी माना जा रहा है कि पीएम मोदी तीन बड़ी रेलियां यूपी में हो सकती हैं इसके अलावा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय परविहन मंत्री नितिन गडकरी भी अलग-अलग लोकसभा सीटों पर रैली कर सकते हैं। इतना ही नहीं बीजेपी की क्षेत्रीय और जिला कार्यसमिति की बैठक भी 25 मई तक होनी है। तो वहीं एक तरफ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य साफ तौर पर कह रहे हैं कि जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीसरी बार बीजेपी के कार्यकर्ता पीएम की कुर्सी पर नहीं बैठा देते, तब तक कार्यकर्ता आराम करने वाले नहीं है।
बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार के 9 साल पूरे होने के मौके पर बीजेपी पूरे देश में कई अभियान शुरू करने जा रही है, उसमें सबसे महत्वपूर्ण महासंपर्क अभियान है। इसके जरिए एक-एक वोटर तक बीजेपी के कार्यकर्ता पहुंचेंगे और उन्हें अपनी उपलब्धियों को बताएंगे।जाहिर है बीजेपी को निकाय चुनाव में जो जीत मिली है, उससे पार्टी बेहद उत्साहित है और अब उसने अपना अगला लक्ष्य मिशन 80 को पाने की रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है।
अब देखना ये होगा कि बीजेपी अपने मिशन 80 को पाने के लिए और कितनी कड़ी मेहनत करती है। इसके अलावा अगर चुनावी पंडितों की माने तो कर्नाटक में मिली हार के बाद बीजेपी को 24 की जंग जीतने के लिए थोड़ी ज्यादा मेहनत करनी होगी।

