उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के बासगांव से भाजपा सांसद कमलेश पासवान सहित छह लोगों को अदालत की तरफ से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने सजा के खिलाफ की गई अपील को ख़ारिज कर दिया है। एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने अपील खारिज करते हुए 15 दिनों के भीतर आत्मसमर्पण करने को कहा। विशेष न्यायाधीश ने आदेश देते हुए कहा कि सभी लोग सजा भुगतने के लिए 15 दिनों के भीतर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आत्मसमर्पण करे।
डेढ़ साल की सजा तथा प्रत्येक को दो-दो हजार रुपये अर्थ दंड
गौरतलब है कि जाम और धरना-प्रदर्शन के एक मामले में नवंबर 2022 में सांसद कमलेश पासवान सहित आठ लोगों को कोर्ट ने डेढ़ साल की सजा तथा प्रत्येक को दो-दो हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किया था। घटना के वक्त कमलेश पासवान व अन्य समाजवादी पार्टी में थे। उन्होंने बीआरडी मेडिकल कालेज के सामने विरोध-प्रदर्शन किया था जिसमें इनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
15 दिन में सरेंडर करने का आदेश
बता दें कि कमलेश पासवान के अलावा सजा पाने वालों में गुलरिहा थाना क्षेत्र के मेडिकल कालेज निवासी रामवृक्ष यादव, राजीसेमरा निवासी महेश पासवान, चंद्रेश पासवान, सराय निवासी रामआसरे, खोराबार थाना क्षेत्र के रायगंज निवासी सुनील पासवान व चिलुआताल थाना क्षेत्र के मानबेला निवासी खुदुस उर्फ घुहुस भी शामिल हैं। अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रभाष त्रिपाठी की कोर्ट ने जुर्म सिद्ध पाए जाने पर यह सजा सुनाई थी। इसमें से सांसद सहित छह लोगों ने एमपी एमएलए कोर्ट में अपील की थी। विशेष न्यायाधीश ने यह अपील निरस्त कर 15 दिन में सरेंडर करने का आदेश दिया है।
अखिलेश-शिवपाल की गिरफ्तारी के खिलाफ जाम की थी सड़क
सनद रहे कि घटना के समय कमलेश पासवान सपा में थे। समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव व अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदेश भर में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसी दौरान 16 जनवरी 2008 को कमलेश व अन्य ने मेडिकल कालेज के मुख्य गेट के सामने रोड को जाम कर दिया था। अभियुक्तों द्वारा नारेबाजी और प्रदर्शन करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने का भी प्रयास किया गया था। इसका मुकदमा गुलरिहा थाने में दर्ज हुआ था

