माफिया अतीक और उसका भाई अशरफ रविवार 16 अप्रैल की शाम को कसारी मसारी कब्र में सुपुर्द–ए-खाक कर दिए गए। वहीं इस डबल मर्डर केस में दो तस्वीरें बड़ी चर्चा में हैं और दोनों फोटोज अतीक की हत्या से पहले की हैं। जब अतीक और अशरफ काल्विन अस्पताल से मेडिकल जांच करवा के जीप से लाए जा रहे थे और अतीक को जीप से नीचे उतारा गया था तब उसने किसी की तरफ मुड़कर देखा था तो क्या उसे कुछ गड़बड लग रही थी या वो किसी को इशारा कर रहा था।
दूसरी तस्वीर में दोनों मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हैं और इस दौरान अशरफ ने गुड्डु मुस्लिम का जिक्र किया था। अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या अतीक और अशरफ कोई बड़ा खुलासा करने वाले थे। आखिर अशरफ ने गुड्डु मुस्लिम का जिक्र क्यों किया जबकि पत्रकारों ने सवाल कुछ और पूछा था। वो आखिरी शब्द मेन बात ये है कि गुड्डु मुस्लिम और फिर गोलियों से दोनों माफिया मौत के घाट उतार दिए गए और अशरफ के साथ ही वो बात भी उसी के साथ चली गई।
इसके बाद सवाल ये भी खड़ा हो रहा है कि क्या हत्या को अंजाम किसी बड़े राज को छुपाने के लिए किया गया है क्योंकि जब माफिया अतीक को पुलिस मेडिल जांच के बाद जीप से उतारती है तो वो किसी की तरफ देखता नजर आता है और किसी की तरफ देखकर इशारा कर रहा है क्या वह हमलावरों को जानता था, या फिर कुछ और वजह थी। जब मीडिया ने असद के जनाजे को लेकर सवाल पूछा तो अतीक ने कहा कि, नहीं ले गए तो नहीं गए।
वहीं जिस गुड्डु मुस्लिम का नाम अशरफ ने लिया वह अतीक गैंग का वही शार्प शूटर और बमबाज है जो उमेश पाल हत्याकांड में बमबाजी करते देखा गया था और हत्याकांड के बाद से ही फरार है। वहीं जिन तीनों आरोपी लवलेश, अरूण और सनी ने माफिया अतीक और अशरफ को मौत के घाट उतारा रविवार को उनको कोर्ट में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
बताया जा रहा है कि सुंदर भाटी के इशारे पर अतीक-अशरफ के हत्यारों तक जिगाना पिस्टल पहुंचाई गई थी। पाकिस्तान के रास्ते भारत आने वाली जिगाना पिस्टल का प्रयोग अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या में किया गया। आशंका जताई जा रही है कि अतीक और अशरफ की हत्या जिस जिगाना पिस्टल से हुई, वह सुंदर भाटी के नेटवर्क से ही सनी को दी गई थी।

