Barabanki News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में गुरुवार दोपहर एक भीषण हादसा हो गया। टिकैतनगर थाना क्षेत्र के सराय बरई गांव में स्थित एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस विस्फोट में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई, जिससे आसपास के मकानों में दरारें तक आ गईं।
धमाका इतना भयानक कि उड़ गए मजदूरों के टुकड़े
स्थानीय लोगों के मुताबिक, दोपहर लगभग 2 बजे तेज आवाज के साथ फैक्ट्री में विस्फोट हुआ। धमाके की तीव्रता इतनी जबरदस्त थी कि दो मजदूरों के शरीर के टुकड़े चारों ओर बिखर गए। विस्फोट के तुरंत बाद फैक्ट्री में आग लग गई और लगातार छोटे-छोटे धमाके होते रहे। घटना के बाद गांव में हाहाकार मच गया और लोग अपने घरों से बाहर भागने लगे।
दमकल और पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां और पुलिस टीम मौके पर पहुंच गईं। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। जिला प्रशासन ने सभी घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं।
बिना लाइसेंस चल रही थी फैक्ट्री, सुरक्षा नियमों की अनदेखी
जांच के शुरुआती निष्कर्षों में पता चला है कि यह फैक्ट्री बिना किसी लाइसेंस के संचालित की जा रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि इस अवैध फैक्ट्री की शिकायतें कई बार दी गईं, लेकिन प्रशासन ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया। सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते यह हादसा हुआ है। अब प्रशासनिक लापरवाही पर भी सवाल उठने लगे हैं।
वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे मौके पर, जांच तेज
घटना की सूचना पर डीएम और एसपी बाराबंकी तुरंत मौके पर पहुंचे। क्षेत्र को घेरकर फॉरेंसिक टीम द्वारा साक्ष्य जुटाने का काम जारी है। मृतकों की पहचान की जा रही है, वहीं पुलिस ने फैक्ट्री के मालिक और संचालकों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा है कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
गांव में दहशत और गुस्सा
हादसे के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर पहले ही कार्रवाई की जाती तो यह हादसा टाला जा सकता था। धमाके से कई घरों में दरारें आ गईं और संपत्ति को नुकसान पहुंचा। लोग अब इलाके में चल रही अन्य अवैध फैक्ट्रियों को भी बंद करने की मांग कर रहे हैं।
बाराबंकी का यह हादसा एक बार फिर से प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोलता है। अवैध पटाखा फैक्ट्रियां न सिर्फ कानून का उल्लंघन करती हैं बल्कि सैकड़ों जानों को खतरे में डालती हैं। अब जरूरत है कि ऐसी इकाइयों पर सख्त कार्रवाई कर भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जाए।
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